दोस्तों, जीवन में दुःख-दर्द अनिवार्य हैं, और जहाँ प्यार होता है, वहाँ तकरार
भी सामान्य है। प्यार होने पर एक सुंदर भावना का अहसास होता है, लेकिन प्यार का
सफर इतना सरल नहीं होता। आपको हर कदम पर सावधानी से चलना पड़ता है, ताकि कोई
रूठे न जाए, कोई धोखा न दे, और विश्वास कमजोर न पड़े। इन चीजों के कारण, प्रेमी
व्यक्ति को अकेले मुकाबले करना पड़ता है और ये लोग अपनी भावनाओं के माध्यम से
अपनी कहानी साझा करते हैं। इस लेख में, हमने ऐसे ही गुमनाम शायरों की सैड शायरी
का संग्रहण किया है। आप सभी से अनुरोध है कि इसे पूरा पढ़ें और अपने दोस्तों के
साथ इसे साझा करें। Sad shayari image
दर्द का एहसास तो तब होता है, जब किसी से मोहब्बत होती है, पर मोहब्बत का अंजाम तो तब पता चलता है, जब वो दिल तोड़ कर चली जाती है
तुम्हारी यादों का सिलसिला चलता है, जब भी तन्हा होता हूँ मैं, पर तुम्हारा कोई खबर नहीं आता है, जब भी तुम्हें याद करता हूँ मैं
दर्द तो तब होता है, जब वो पास होते हैं, और हम उन्हें अपना नहीं कह सकते।
वो तो खुश है अपनी दुनिया में, किसी को भूल कर, किसी के साथ, और इस तरह मेरी ज़िन्दगी बर्बाद कर गए, कि न तो भूला पाया उन्हें, न तो जी पाया किसी के साथ।
आज भी तेरी यादों का आलम है, आज भी तेरे बिना दिल बेकरार है, आज भी तेरा इंतज़ार है मुझे, आज भी तेरी बातों का असर है।
वो तो खुदा हैं, मुझे उनसे कोई गिला नहीं, बस जो था मेरा, उसे किसी और का कर दिया।
दिल को तोड़ना था तो बता देते, हम भी तैयार हो जाते, यूँ तो अचानक छोड़ कर जाना, ये तो बेवफाई की हद है।
जब भी तेरी याद आती है, आँखों में आँसू भर आते हैं, तू तो खुश है अपनी दुनिया में, हमें तो तेरे बिना ही मर जाना है।
दर्द तो ये है कि तुम नहीं हो मेरे पास, वरना ज़िन्दगी में कोई गम नहीं है
वो तो खुश हैं अपनी दुनिया में, और हम तन्हा रह गए उनकी याद में
जब से तुमसे मोहब्बत की है, तब से हर लम्हा रोया है हमने
आँखों में आंसू और दिल में दर्द, ये है हमारी शायरी का अंजाम
रूठा हुआ सवेरा है, मेरी तन्हाई ने कहा है, तेरी मुस्कान का सफर है, जिसमें हर दर्द को छुपाया है।
खुद से बातें करता हूँ, ख्वाबों के सफर में, तेरी यादों का रास्ता है, जो हर रात मेरे साथ है।
आँसू बहाता हूँ, रातें लम्बी करता हूँ, तेरी बिना जीना मुश्किल है, जो मैं बर्बाद करता हूँ।
रातें हैं राज़ की, सितारों में बातें हैं, तेरे बिना यहाँ, सारी रातें उदास रातें हैं।
दिल की दहलीज़ों में बसी है तेरी बातें, तेरे साथ बिताए हर लम्हा, है मेरी खुशियों की राहतें।
चेहरे पर मुस्कान रखकर भी, है दिल में बेचैनी, तू है जिन्दगी की राहों में, हर पल की मिठास की वजह।
तेरी बातों का जादू, है मेरे दिल की धड़कनों में, तू है वो कहानी, जो हर रात बनती है सपनों में।
दिल की दास्तान, है तेरी मुस्कान के ख्वाबों में, तू है वो शख्स, जिससे है सफर का हर कदम मेहसूस।
आँसू छुपा कर हंसी में, है तेरी बातों की वफाएं, तू है मेरी कहानी, जो हर पल दिल को छू जाए।
बेवफा थे वो तो हमें पता था, पर इतना जल्दी भूल जाएंगे ये सोचा न था
उनकी आँखों में देखा था प्यार का सागर, पर वो तो बस एक झूठा ख्वाब निकला
अब तो बस एक तमन्ना है दिल में, कि वो लौट कर आएं और मुझे माफ करें
दिल को तोड़ दिया उसने बिना कुछ कहे, वो तो चला गया मुझे अकेला छोड़ के, मैं रोता रहा उसकी याद में दिन रात, उसको कोई फर्क नहीं पड़ा मेरी हालात पर
वो खुश है अपनी दुनिया में किसी और के साथ, मुझे तो बस उसकी एक झलक देखने को तरसता हूँ,वो भूल गया है हमारे बीते हुए पलों को, मैं तो उन्हीं यादों में जीता हूँ
तुम्हारे बिना जीना सीख लिया है हमने, पर तुम्हारे बिना मुस्कुराना नहीं आता।, दर्द तो अब भी उतना ही है जितना पहले था, बस अब रोना नहीं आता।
वो तो बस एक बहाना था तुम्हारा जाने का, वरना तुम्हें कौन सा गम था हमारे रहने का। तुम तो बस अपनी खुशी के लिए चले गए, और हमें यूँ ही अकेला छोड़ गए।
जब तक थे तुम साथ मेरे, तो थी हर खुशी मेरी, जब से गए तुम दूर मुझसे, तो हुई हर बात तकलीफदेह। अब तो बस यादों का सहारा है मुझे, जो भी मिला है तुमसे, वो ही प्यारा है मुझे।
वो तो बस एक लम्हा था जो गुजर गया हमारे साथ, पर उस लम्हे का असर अब तक है हमारे दिल पर। वो तो बस एक ख्वाब था जो टूट गया हमारे सामने, पर उस ख्वाब का नशा अब तक है हमारे आँखों में।
दिल तोड़ने का शुक्रिया तुम्हारा, दर्द देने का भी आभार है तुम्हारा, जो तुमने किया है मुझसे वो तो वफ़ा है तुम्हारी, क्योंकि तुम्हारा तो बस खेल था, और मेरा प्यार है तुम्हारा।
बेवफाई का गम तो सह लेंगे हम, पर वो खुशी का पल कैसे भूलेंगे हम, जब तुमने कहा था की तुम सिर्फ हमारे हो, तो फिर ये बता दो की तुमने हमें क्यों छोड़ दिया।
तुम्हारी यादों का साया अब भी मेरे साथ है, तुम्हारी बातों का असर अब भी मेरे साथ है, तुमने तो कह दिया की तुम मुझसे नाराज हो, पर फिर भी तुम्हारा प्यार अब भी मेरे साथ है।
तुम्हारे बिना जीना मुश्किल है, तुम्हारे बिना जीना अधूरा है, तुम्हारे बिना जीना बेमानी है, तुम्हारे बिना जीना तो बस जीना है।
वो तो बस एक ख्वाब था जो टूट गया, मेरा दिल तो एक शीशा था जो फूट गया। उनकी यादों का दर्द अब भी है ताज़ा, मेरी आँखों का नमी अब भी है बाकी।
उनके बिना अब कुछ भी अच्छा नहीं लगता, उनके बिना अब कोई भी अपना नहीं लगता। उनके बिना अब जीना भी मुश्किल है, उनके बिना अब मरना भी आसान नहीं है।
उनकी बातों का अब भरोसा नहीं है, उनकी वफ़ा का अब यक़ीन नहीं है। उनकी आवाज़ का अब इंतज़ार नहीं है
उनका दिल तो बस एक खेल था, जिसमें मुझे बस एक रोल था। उनका प्यार तो बस एक झूठ था, जिसमें मै बस एक Fool था।
उनके लिए तो मैं बस एक वक़्त का साथी था, जिसे वो भूल गए एक पल में। मेरे लिए तो वो मेरी जान थे, जिसे मैं भूल नहीं सकता एक जनम में।
उनके साथ तो मैं बस एक लम्हा था, जिसे वो बदल गए एक पल में।, मेरे साथ तो वो मेरा साथी थे, जिसे मैं छोड़ नहीं सकता एक दम में।
सिर्फ अश्क ही गवाही दे सकते है मेरी, की दिल कितनी शिद्दत से याद करता है तुझे. ✤miss you love ✤
मैंने छोड़ दिया है, किस्मत पर यकीन करना, अगर लोग बदल सकते है, तो किस्मत क्या चीज है..
टूटा दिल और धड़कन को एहसास ना हुआ, पास होकर भी वो दिल के पास न रहा, जब दूर थी तो,जान थी मेरी, आज जब हम क़रीब आये तो वो एहसास ना रहा.
इश्क अधुरा हो तो ही बयाँ होता है, साहब, मुक्कमल मोहब्बत के शायर सुने नहीं मैंने.
क़िस्मत वालों को ही मिलती, पनाह मेरे दिल में, यूं तो हर शख़्स को, जन्नत का पता नहीं मिलता..
उठते नहीं हैं अब तो दुआ के लिए भी हाथ, किस दर्जा ना-उमीद हैं परवरदिगार से।
अक्सर जब हम उनको याद करते हैं, अपने रब से यही फरयाद करते हैं, उम्र हमारी भी लग जाये उनको, क्योंकी हम उनको खुद से ज्यादा प्यार करते हैं.
लिखना तो ये था कि खुश हूँ तेरे बगैर भी, पर कलम से पहले आँसू कागज़ पर गिर गया.
अब न खोलो मेरे घर के उदास दरवाज़े, हवा का शोर मेरी उलझनें बढ़ा देता है.
जब रिश्ता नया होता है तो, लोग बात करने का बहाना ढ़ुंढ़ते है, और जब वही रिश्ता पुराना हो जाता है, तो लोग दूर होने का बहाना ढूढ़ते है.
कांच के दिल थे जिनके उनके दिल टूट गए, हमारा दिल था मोम का पिघलता ही चला गया.
जब भी कोई हद से ज्यादा याद आता है, तब बच्चे की तरह रोने का मन करता है.
भले ही किसी गैर की जागीर थी वो, पर मेरे ख्वाबों की भी तस्वीर थी वो, मुझे मिलती तो कैसे मिलती, किसी और के हिस्से की तकदीर थी वो.
उस ने पूछा था क्या हाल है, और मैं सोचता रह गया.।
चल मेरे हमनशीं अब कहीं और चल, इस चमन में अब अपना गुजारा नहीं, बात होती गुलों तक तो सह लेते हम, अब काँटों पे भी हक हमारा नहीं.
थोडा सा व्यस्त क्या हुआ, ऐसा लगने लगा जैसे वक्त ने अपनी गति ही बढ़ा ली है, किस्मत ने भी खूब गेम खेली है मेरे साथ, जितनी भी दोस्त दिये सभी बिजी दिए..
बर्बाद कर गए वो #ज़िंदगी प्यार के नाम से, बेवफाई ही मिली हमें सिर्फ वफ़ा के नाम से, जख्म ही जख्म दिए उस ने दवा के नाम से, आसमान रो पड़ा मेरी मोहब्बत के अंजाम से।
दिल से निकली दुआएं हैं यह, की आपका हर दिन एक सुनहरा दिन हो, और आपकी हर रात चमके चांदनी की तरह, इस नए साल में आपको हर ख़ुशी और समृद्धि मिले, नया साल मुबारक हो..
जिसे चाहा, वो नहीं मिली, शायद इसलिए आज भी single हूँ...
रहने दो मुझको उलझा हुआ सा तुझसे, सुना है सुलझाने से धागे अलग हो जाते है.
न व्यस्त हो न नाराज़ हो तुम, फिर किन गलियों में आज हो गुम, तुमसे बात करते हुए डर लगता है, बड़ी जल्दी ही बदलती मिजाज हो तुम...
हकिकत की रस्सियों पे लटककर, न जाने कितने ही ख्वाब खूदकुशीं कर गये.
तूने कहा था तेरा हक़ है मांगा मत कर, आज तुझे मांगता हूँ मना मत कर, हम दोनों साथ में बड़े प्यारे लगते है, तू हम दोनों को जुदा मत कर.
बेवफाई उसकी दिल से मिटा के आया हूँ, ख़त भी उसके पानी में बहा के आया हूँ, कोई पढ़ न ले उस बेवफा की यादों को, इसलिए पानी में भी आग लगा कर आया हूँ।
वो जो हमसे नफरत करते हैं, हम तो आज भी सिर्फ़ उन पर मरते हैं, नफ़रत है तो क्या हुआ यारों, कुछ तो है जो वो सिर्फ हमसे करते हैं।
कुछ लोगों से आज कुछ तो सीखा, पहले अपने जैसा बनाते हैं ये, फिर अकेला छोड़ देते है..
न जाने क्यों वक़्त इस तरह गुजर जाता है, जो वक़्त बुरा है वो पलट के सामने आता है, और जिस वक़्त को हम दिल से पाना चाहते हैं, वो तो बस एक लम्हा बनकर बीत जाता है।
सांस रुक-रुक के आ रही है, कुछ ना कुछ बात होने वाली है, या बहुत दूर जा चुका है कोई या मुलाक़ात होने वाली है.
शिकायतों की पूरी किताब तुम्हें सुनानी है, फुर्सत में अगली जिंदगी सिर्फ मेरे लिए लेकर आना।
मत किया कर ऐ दिल किसी से मोहब्बत इतनी, जो लोग बात नही करते वो प्यार क्या करेगें.
युं तो गलत नही होते अंदाज चहेरों के लेकिन लोग, वैसे भी नहीं होते जैसे नजर आते है.
हमे तो तुम्हारी कसम देकर, हजारो ने लूटा है।
कुछ तो सोचा होगा कायनात ने तेरे-मेरे रिश्ते पर, वरना इतनी बड़ी दुनिया में तुझसे ही बात क्यों होती.
अहसास मिटा, तलाश मिटी, मिट गई , उम्मीदें भी सब मिट गया पर जो न मिट, ना सका वो है यादें तेरी..
टूटा हो दिल तो दुःख होता है, करके मोहब्बत किसी से ये दिल रोता है, दर्द का एहसास तो तब होता है, जब किसी से मोहब्बत हो और, उसके दिल में कोई और होता है.
छुप के तेरी तस्वीरें देखता हूँ, बेशक तू ख़ूबसूरत आज भी है, पर चेहरे पर वो मुस्कान नहीं, जो मैं लाया करता था.
मुद्दत के बाद आज उसे देख कर ‘मुनीर’ इक बार दिल तो धड़का मगर फिर सँभल गया.
हम तुम्हें मुफ़्त में जो मिले हैं, क़दर ना करना हक़ है तुम्हारा.
जिसे खुद से ही नहीं फुरसतें, जिसे खयाल अपने कमाल का, उसे क्या खबर मेरे शौक़ की, उसे क्या पता मेरे हाल का.
आज फिर किसी का गम अपना बनाने को जी करता है, किसी को दिल में बिठाने को जी करता है, आज दिल को क्या हुआ खुदा जाने, बुझती हुई शमा फिर जलाने को जी करता है.
वादा करता हूँ उम्र भर तेरा इंतज़ार करूंगा, तेरे जाने के बाद भी मैं तुमसे प्यार करूंगा, माना मेरी किश्मत में तू नहीं, लेकिन खुदा से तुझे पाने की दुआ हर बार करूंगा.
बहुत देर कर दी तूने मेरी धडकनें महसूस करने में, वो दिल नीलाम हो गया, जिसपर कभी हकुमत तेरी थी.
दिल आबाद कहाँ रह पाए उस की याद भुला देने से, कमरा वीराँ हो जाता है इक तस्वीर हटा देने से..
सुकून की तलाश में हम दिल बेचने निकले थे, खरीददार दर्द भी दे गया और दिल भी ले गया.
मुक़द्दर की लिखावट का एक ऐसा भी काएदा हो, देर से किस्मत खुलने वालो का दुगुना फायेदा हो..
मोहब्बत का कोई कसूर नहीं, उसे तो मुझसे रूठना ही था, दिल मेरा शीशे सा साफ़, और शीशे का अंजाम तो टूटना ही था..
हाथ कि लकीरों पर ऐतबार कर लेना, भरोसा हो तो किसी से प्यार कर लेना, खोना पाना तो नसीबों का खेल है, ख़ुशी मिलेगी बस थोड़ा इंतज़ार कर लेना..
तू चांद और मैं सितारा होता, आसमान में एक आशियाना हमारा होता, लोग तुम्हें दूर से देखते, नजदीक से देखने का हक़, बस हमारा होता।
रख लो दिल में संभाल कर थोड़ी सी यादें हमारी, रह जाओगे जब तन्हा तब बहुत काम आएंगे हम.
थोड़ी-सी तो जिंदगी है, क्या तेरा रूठ जाना जरूरी था।
बिखरा वजूद, टूटे ख़्वाब, सुलगती तन्हाईयाँ, कितने हसीन तोहफे दे जाती है ये मोहब्बत।
यादें महकाएगा, गीत लिखवाएगा, आंसू छलकाकर अकेला छोड़ जायेगा, उम्मीदे लाएगा, हसरतें जगायेगा, जीना सिखाएगा, यादें दे जायेगा, नया साल क्या लाएगा, नया साल भी गुजर जायेगा..
मुमकिन नहीं की वो मुझे भुला देगा, वो हर पल हरदम मुझको दुआ देगा.
तुम अपने ज़ुल्म की इन्तेहाँ कर दो, फिर कोई हम सा बेजुबां मिले ना मिले.
हर यार वफादार नहीं होता, हर पत्थर चमकदार नहीं होता, न जाने बाग़ में कितने फूल खिले है, हर फूल खुशबूदार नहीं होता.
अब बस भी कर ज़ालिम, कुछ तो रहम खा मुझ पर, चली जा मेरी नज़र से दूर कहीं मैं शायर ना बन जाऊं।
रुठुंगा अगर तुजसे तो इस कदर रुठुंगा की, ये तेरी आँखे मेरी एक झलक को तरसेंगी.
सोचा ना था वो शख्स भी, इतनी जल्दी साथ छोड़ जायेगा, जो मुझे उदास देखकर कहता था, मैं हूँ ना.
अकेले तो हम पहले भी थे, न जाने क्यों अकेले हो गए है, तेरे जाने के बाद..
जीना चाहता हूँ मगर जिनदगी राज़ नहीं आती, मरना चाहता हूँ मगर मौत पास नहीं आती, उदास हूँ इस जिनदगी से, क्युकी उसकी यादे भी तो तरपाने से बाज नहीं आती.
दर्द है दिल में पर इसका एहसास नहीं होता, रोता है दिल जब वो पास नहीं होता, बर्बाद हो गए हम उसके प्यार में, और वो कहते हैं इस तरह प्यार नहीं होता..
लोग बाज़ार मे आके बिक भी गये, मेरी क़ीमत लगी की लगी रह गयी.
किया है बर्दाश्त तेरा हर दर्द इसी आस के साथ, कि खुदा नूर भी बरसाता है आज़माइशों के बाद.।
चलो अब जाने भी दो क्या करोगे दास्ताँ सुनकर, ख़ामोशी तुम समझोगे नहीं और बयाँ हमसे होगा नहीं।
मोबाइल Busy होने पर भी अब तो रिश्तों में दरार आ जाते हैं, ना जाने प्यार से बचने के लिए लोग कितने बहाने बनाते है..
ये वक़्त नूर को बेनूर कर देता है, छोटे से जख्म को नासूर कर देता है, कौन चाहता है अपनों से दूर रहना, पर वक़्त सबको मजबूर कर देता है।
वो बात क्या करें जिसकी कोई खबर ना हो, वो दुआ क्या करें जिसका कोई असर ना हो, कैसे कह दे कि लग जाय हमारी उमर आपको, क्या पता अगले पल हमारी उमर ना हो।
परवाह नहीं मेरी, तो नजर क्यों रखते हो, मैं किस हाल में जिंदा हूं, ये खबर क्यों रखते हो.
मेरी मुस्कराहट को हकीकत ना समझ ऐ दोस्त, दिल में झांक कर देख कितने उदास हैं हम.
हर वक़्त का हँसना तुझे बर्बाद न कर दे, तन्हाई के लम्हे में कभी रो भी लिया कर..
बर्बाद कर गए वो ज़िंदगी प्यार के नाम से, बेवफाई ही मिली हमें सिर्फ वफ़ा के नाम से, ज़ख़्म ही ज़ख़्म दिए उस ने दवा के नाम से, आसमान रो पड़ा मेरी मोहब्बत के अंजाम से.
मैं फिर से निकलूंगा तलाश ए-जिन्दगी में, दुआ करना दोस्तो इस बार किसी से इश्क ना हो..
उनकी आवाज़ सुनने को बेकरार रहते हैं, शायद इसी को दुनिया में प्यार कहते हैं, काटने से भी जो ना कटे वक्त, उसी को मोहब्बत में इंतज़ार कहते हैं..
डूबी है मेरी उंगलियाँ मेरे ही खून में, ये काँच के टुकड़ो पर भरोसे की सज़ा है.
कमाल की मोहब्बत थी मुझसे उसको अचानक, ही शुरू हुई और बिना बताये ही ख़त्म हो गई।
एक ये ख्वाहिश के कोई ज़ख्म न देखे दिल का, एक ये हसरत कि कोई देखने वाला तो होता..
तुमसे नहीं होगा मेरे दर्द का इलाज़, घाव को नासूर हुए वर्षे गुजर गयीं।
हर रात जान बूझकर रखती हूँ दरवाज़ा खुला,शायद कोई लुटेरा मेरा गम भी लूट ले.
ऐ दिल थोड़ा इंतजार कर, उसे भी पता चल जायेगा उसने क्या खोया है..
हर वक्त मिलती रहती है, मुझे अनजानी सी सजा, मैं कैसे पुछु तकदीर से कि मेरा कसूर क्या है...
वक्त की रवानी ने कुछ इस तरह सबक सिखा डाला, वफा बाकी रही पर मिजाज-ए-इश्क बदल डाला।
सच्चा इश्क किया था, तो अब, हम भी बेवफाई के गीत गायेंगे, बेवफाई में तेरा नाम न उठे, इसलिए हम आसू लेकर हर शहर मुकुरायेंगे..
जैसी है तेरी ख्वाइश वैसे प्यार करेंगे, हर धड़कन पर अपनी वफ़ा का इक़रार करेंगे, जहाँ भी जाओगे हर कदम हममे ही पाओगे, इश्क़ के हर मोड़ पर तेरा इंतज़ार करेंगे..
इशरत-ए-क़तरा है दरिया में फ़ना हो जाना, दर्द का हद से गुज़रना है दवा हो जाना.
ज़मीन पर मेरा नाम वो लिखते और मिटाते हैं, वक्त उनका तो गुजर जाता है, मिट्टी में हम मिल जाते हैं।
दिल अमीर था और मुकद्दर गरीब था, अच्छे थे हम मगर बुरा नसीब था, लाख कोशिश कर के भी कुछ ना कर सके हम, घर भी जलता रहा और समंदर भी करीब था..
उनकी तस्वीर को सीने से लगा लेते हैं, इस तरह जुदाई का गम मिटा लेते हैं, अगर कभी उनका जिक्र हो जाए तो, भीगी पलकों को हम झुका लेते हैं.
अपनी तो मोहब्बत की यही कहानी है, टूटी हुई कश्ती ठहरा हुआ पानी है, एक फूल किताबोँ मेँ दम तोड़ चुका है, मगर याद नहीँ आता ये किसकी निशानी है.
मुझे फुरसत ही कहाँ मौसम सुहाना देखूं, मै तेरी ज़ात से निकलूं तो ज़माना देखूं.
अगर नींद आ जाये तो, सो भी लिया करो, रातों को जागने से, मोहब्बत लौटा नहीं करती।
अब भी ताज़ा है ज़ख़्म सीने में, बिन तेरे क्या रखा है जीने में, हम तो ज़िंदा हैं तेरा साथ पाने को, वरना देर कितनी लगती है ज़हर पीने में.
बिछड़ के तुम से ज़िंदगी सज़ा लगती है, यह साँस भी जैसे मुझ से ख़फ़ा लगती है.
मेरी मुस्कराहट को हकीकत ना समझ ऐ दोस्त, दिल में झांक कर देख कितने उदास हैं हम..
तू पास नहीं तो क्या हुआ, मोहब्बत तो हम तेरी दूरियों से भी करते है।
ख़त में मेरे ही ख़त के टुकड़े थे, और मैं समझा के मेरे ख़त का जवाब आया है.
दोनों जहान तेरी मोहब्बत में हार के, वो जा रहा है कोई शबे-ग़म गुजार के..
बड़े ही अजीब हैं ये जिंदगी के रास्ते, अनजाने मोड़ पर कुछ लोग अपने बन जाते है, मिलने की खुशी दे या ना दे, मगर बिछड़ने का गम जरुर दे जाते हैं.
ना प्यार कम हुआ, ना प्यार का एहसास, पर अब उसके बिना, जिंदगी गुजारने की कोशिश कर रहे हैं.
महफिल लगी थी बद-दुआओं की, हमने भी दिल से कहा, उसे इश्क़ हो, उसे इश्क़ हो, उसे इश्क़ हो।
आजकल इतना Busy हर इन्सान हो गया, और सब कुछ तो पाया, बस सुकून खो गया..
रोये कुछ इस तरह से मेरे जिस्म से लग के वो, ऐसा लगा कि जैसे कभी बेवफा न थे वो।
उस मोड़ से शुरू करनी है फिर से जिंदगी, जहा सारा शहर अपना था और तुम अजनबी।
जो बात उसे कहनी ना थी, हाले दिल अपना सुना गया कोई, सूने मन के इस आंगन में आस मिलन की जगा गया कोई, रहता हूँ मैं कुछ खोया खोया सा जाने क्यूँ मुझको रुला गया कोई.
मेरी कोशिश कभी कामयाब ना हो सकी, न तुझे पाने की न तुझे भुलाने की.
क्यों किसी से इतना प्यार हो जाता है, एक पल का इंतज़ार भी दुश्वार हो जाता है, लगने लगते हैं अपने भी पराये, और एक अजनबी पर ऐतबार हो जाता है...
मेरी गलती बस यही थी के मैंने हर, किसी को खुद से ज़्यादा जरुरी समझा।
ज़हर देता है कोई, तो कोई दवा देता है, जो भी मिलता है मेरा दर्द बढ़ा देता है।
बिना उसके दिल का हाल कैसे बतलाऊ, जैसे खाली बस्ता हो किसी नालायक बच्चे का.
मेरी जगह कोई और हो तो चीख उठे, मैं अपने आप से इतने सवाल करता हूँ.
नज़र अंदाजी का बड़ा शौक था उनको, हमने भी तोहफे में उनको उन्हीं का शौक दे दिया.
आंखों से आँखे मिला गया कोई, दिल की कलियाँ खिला गया कोई, दिल की धड़कन यूँ बेताब न थी, मुझको दीवाना बना गया कोई.
जैसे कोई बच्चा रोते-रोते थककर सो जाता है, हमारे दिल का हाल अक्सर कुछ ऐसा ही हो जाता है.
होले होले कोई याद आया करता है, कोई मेरी हर साँसों को महकाया करता है, उस अजनबी का हर पल शुक्रिया अदा करते हैं, जो इस नाचीज़ को मोहब्बत सिखाया करता है.
तड़प के देखो किसी की चाहत में, तो पता चले कि इंतजार क्या होता है, यूं ही मिल जाए अगर कोई बिना तड़पे, तो कैसे पता चले कि प्यार क्या होता है।
पल-पल तरसे हम जिस पल के लिए, वो पल भी आया जिंदगी में बस एक पल के लिए.
ये और बात कि चाहत के ज़ख़्म गहरे हैं, तुझे भुलाने की कोशिश तो वर्ना की है बहुत।
बिन धागे की सुई सी बन गयी है ये ज़िंदगी, सीलती कुछ नहीं बस चुभती चली जा रही है.
याद करने से किसी का दीदार नहीं होता, युही किसी को याद करना प्यार नहीं होता, यादों में किसी की हम भी तड़पते है, बस उन्हें हमारे दर्द का एहसास नहीं होता..
जिसे दूर जाना हो, वो बस Busy होने का बहाना बनाता है, तोड़कर किसी का दिल, किसी और से प्यार जताता है..
फिर से एक उम्मीद पाल बैठी हूँ, फिर से तेरे पते पर चिट्टी डाल बैठी हूँ।
मैं क्यों कुछ सोच कर दिल छोटा करू, वो उतनी ही कर सकी वफा, जितनी उसकी औकात थी.
Single हूँ, पर उसकी याद में आज भी आँसू बहते हैं, इज़हार भले ही न कर पाये, पर रोज़ उनका इंतज़ार किया करते है. ..
इश्क अधुरा हो तो ही बयाँ होता है, साहब, मुक्कमल मोहब्बत के शायर सुने नहीं मैंने..
तुम्हारे माथे पे लगी बिंदी तुम्हारी रौनक बड़ा देती है, उफ ये काजल की लपटें,मुझे फिर से इश्क करा देती है.
किसी का हाथ कैसे थाम लूँ, वो तनहा मिल गयी तो क्या कहूंगा..
खबर मरने की जन आये, तो यह न समझना हम दगाबाज थे, किस्मत ने गम इतने दिए, बस ज़रा से परेशान थे।
कभी किसी चीज के लिए तरसे नहीं थे पर ना जाने क्यों, आपसे बात करने के लिए तरस जाते हैं.
देखी है बेरुखी की आज हम ने इन्तेहाँ, हमपे नजर पड़ी तो वो महफ़िल से उठ गए.
ऐ मोहब्बत तू शर्म से डूब मर, तू एक शख्स को मेरा ना कर सकी.
अभी धुप निकलने के बाद भी जो सोया है, वो तेरी याद में रात भर रोया है.
खता हो गयी तो फिर सज़ा सुना दो, दिल में इतना दर्द क्यूँ है वजह बता दो, देर हो गयी याद करने में जरूर, लेकिन तुमको भुला देंगे ये ख्याल मिटा दो।
एक उम्मीद मिली थी तुम्हारे आने से अब वो भी टूट गई, वफादारी की आदत थी हमें अब शायद वो भी छूट गई, क्या-क्या नहीं किया मैंने तेरी एक मुस्कान के लिए, फिर भी अकेला छोड़ दिया उस अनजान के लिए..
लिपट लिपट के कह रही है ये वो चन्द आखिरी शामें, लविदा कहने से पहले मुझे एक बार गले से लगा लो।
वक्त बहुत कम है साथ बिताने में, इसे न गवांना कभी रूठने मनाने में, रिस्ता तो हमने बांध ही लिया है आप से, बस थोड़ा सा साथ दे देना इसे निभाने में।
उसकी मोहब्बत का सिलसिला भी क्या अजीब था, अपना भी नही बनाया और किसी और का भी ना होने दिया.
मेरी उदासी मुझसे रोज़ मिलने आती हैं, मुस्कुराकर हर बार उसे रूखसत कर देता हूँ.
सादगी इतनी भी नहीं है अब बाकी मुझमें, कि तू वक़्त गुज़ारे और मैं मोहब्बत समझूं.
अपने दिल की बात उनसे कह भी नहीं सकते, बिना कहे जी भी नहीं सकते , ए खुदा ऐसी तक़दीर बनाओ कि, वो आकार कहे, हम तुम्हारे बिना रह नहीं सकते.
जिसके नसीब मे हों ज़माने की ठोकरें, उस बदनसीब से ना सहारों की बात कर.
यकीन था कि तुम भूल जाओगे मुझको, खुशी है कि तुम उम्मीद पर खरे उतरे.
उनके हर लम्हे की हिफाज़त करना ए खुदा, मासूम सा चेहरा उदास अच्छा नहीं लगता..
तुम्हारे बाद न तकमील हो सकी अपनी, तुम्हारे बाद अधूरे तमाम ख्वाब लगे.
उनकी सारी गलतियों को हम, उनकी नादानी समझ कर भूल गए, कभी समझ में नहीं आया नादान वो थे या हम.
मुझे परहेज है ज़ख्मों की नुमाइश से, मेरे हमदर्द रहने दे दिले-बीमार की बातें।
मिजाज को बस तल्खियाँ ही रास आईं, हम ने कई बार मुस्कुरा कर देख लिया.
वक्त की यारी तो, हर कोई कर लेता है, मजा तो तब है जब, वक़्त बदले और यार न बदले।
अभी न छेड़ मोहब्बत के गीत ऐ मुसफिर, अभी हयात का माहौल ख़ुश-गवार नहीं।
तुम्हारा दो दिन तक मुझसे बात ना करना जायज़ है वो, मगर अब तो साल हो गया क्या अब तक रूठी हो।
मेरी आँखों को सुर्ख़ देख कर कहते हैं लोग, लगता है.. तेरा प्यार तुझे आज़माता बहुत है.
नींद उड़ाकर कहते है की सो जाओ, अब कल बात करेंगे, अब वो ही हमें समझाए, आखिर कल तक हम क्या करेंगे.
खुशियों से नाराज़ है मेरी ज़िन्दगी, बस प्यार की मोहताज़ है मेरी ज़िन्दगी, हँस लेता हूँ लोगों को दिखाने के लिए, वैसे तो दर्द की किताब है मेरी ज़िन्दगी.
जब मैं डूबा तो समुन्दर को भी हैरत हुयी, अजीब शख्स है किसी को पुकारता भी नहीं..
आने वाला कल अच्छा होगा, बस इसी सोच मे आज बीत जाता है.
फायदा बहुत गिरी हुई चीज है, लोग उठाते ही रहते हैं।
ये प्यार के चक्कर में लोगो ने Best Friends जरूर खोए होंगे..
मैं बैठूंगा जरूर महफ़िल में मगर पियूँगा नहीं, क्योंकि मेरा गम मिटा दे इतनी शराब की औकात नहीं।
दिल अमीर था और मुकद्दर गरीब था, अच्छे थे हम मगर बुरा नसीब था, लाख कोशिश कर के भी कुछ ना कर सके हम, घर भी जलता रहा और समंदर भी करीब था.
ये ना पूछ इश्क़ ने कैसी हालत कर दी है, बस यूं समझ बिन पानी कोई मछली है.
तेरे सिवा कोई मेरे जज़्बात में नहीं, आँखों में वो नमी है जो बरसात में नहीं, पाने की कोशिश तुझे बहुत की मगर, तू एक लकीर है जो मेरे हाथ में नहीं.
इस तरह रूठ कर ना जाया करो, दिल को यूं तकलीफ ना पहूँचाया करो, कि बड़ा मुश्किल है तुम्हारे बिना जीना, मेरे प्यार पर कुछ तो तरस खाया करो.
हर दूरी मिटानी पड़ती है, हर बात बतानी पड़ती है, लगता है दोस्तों के पास वक़्त ही नहीं है, आज कल-खुद अपनी याद दिलानी पड़ती है..
एक बात सिखाई है, ताजुर्वे ने हमें, एक नया दर्द ही पुराने दर्द की दवा है।
हाथ पकड़ कर रोक लेते अगर, तुझ पर ज़रा भी जोर होता मेरा, ना रोते हम यूँ तेरे लिए अगर, हमारी जिंदगी में तेरे सिवा कोई ओर होता।
पल-पल तरसे हम जिस पल के लिए, वो पल भी आया जिंदगी में बस एक पल के लिए..
कुछ इस तरह से सौदा किया, मुझसे मेरे वक़्त ने, तजुर्बे देकर वो मुझ से, मेरी नादानियां ले गया।
चलता रहेगा ये ज़िन्दगी का कारवाँ, यूँही साल गुजरते जायेंगे, मगर वो लम्हे जो संग आपके बिताये है हम चाह कर भी ना भूल पाएंगे..
वो रोए तो मगर मुझसे मुँह मोड़कर रोए, कोई मजबूरी होगी जो दिल तोड़कर रोए, मेरे सामने कर दिए मेरी तस्वीर के टुकड़े, मेरे बाद वो उन्हें जोड़-जोड़ कर रोए।
फिर आज कोई ग़ज़ल तेरे नाम न हो जाये, कहीं लिखते लिखते शाम न हो जाये, कर रहे हैं इंतज़ार तेरी मोहब्बत का, इसी इंतज़ार में ज़िन्दगी तमाम न हो जाये...
एक ही शख्स से मतलब था, वो भी मतलबी निकला.
अकेले ही काटना है मुझे ऐ जिन्दगी का सफर, यूँ पल-दो-पल साथ चलकर मेरी आदत खराब न करो।
तुम मूड में नहीं थे तो क्यू बनाया मुझे रब, मिट्टी दुबारा गुथो और फिर से बनाओ मुझे।
अपने दिल का दर्द उसे बताना चाहता हु, उसे कितना चाहता हु, उसे महसूस कराना चाहता हु, कितना रोया हु उसे पाने के लिए, उसकी गोद में सर रखकर, उसे बताना चाहता हु..
सिर्फ एक ही बात सीखी इन हुस्न वालों से हमने, हसीन जिसकी जितनी अदा है वो उतना ही बेवफा है।
काश तुम्हें ख्वाब ही आ जाये,की हम तुम्हे कितना याद करते है.
जब भी खुदा दुनियां की क़िस्मत में चमत्कार लिखता है, मेरे नसीब में थोड़ा और इंतज़ार लिखता है..
वहां से बिगड़ी है ज़िंदगी मेरी, जहाँ से साथ तुमने छोड़ा था..
चल आ तेरे पैरों पर मरहम लगा दूॅ ए मुक़द्दर, कुछ चोटें तुझे भी आयी होंगी, मेरे सपनों को ठोकर मारकर..
किससे पैमाने वफ़ा बाँध रही है बुलबुल, कल न पहचान सकेगी गुल-ए-तर की सूरत।
भूख घूम रही है शहर की हर सड़क पर, लाल टीशर्ट ज़ोमेटो की पहन कर।
तुम्हारी याद के साए मेरे दिल के अँधेरे में, बहुत तकलीफ देते हैं मुझे जीने नहीं देते, अकेली राह में हमराह कोई मिल तो जाता है, मगर कुछ दर्द हैं जो दिल बहलने नहीं देते.
आशिकी की हद तो देखो, धोखा मिलने के बावजूद भी, हम उनपे मरते हैं..
“दोस्त” कभी अपने दोस्त की सच्चाई का इम्तेहान ना लेना, क्या पता उस वक़्त वो मजबूर हो, और तुम एक अच्छा दोस्त खो दो..
कितना अजीब है लोगों का अंदाज़-ए-मोहब्बत, रोज़ एक नया ज़ख्म देकर कहते हैं, अपना ख्याल रखना।
हम कहीं लिखना भूल न जाएँ, तुम यूँ ही दिल को दुखाती रहा करो।
आज किसी ने मुझसे पूछ ही लिया, जुबां बहुत मीठी है ज़ख़्म गहरा तो नही.
जिसके लफ़्जों में हमे अपना अक़्स मिलता है, क़िस्मत से ऐसा कोई शख़्स मिलता है..
मौका मिला तो, हम तुमसे दूर जरूर जाएंगे, अभी मोहब्बत में बिजी हूँ, हमें कोई दूर नहीं कर सकता..
राह चलते तू औरों का दामन थाम ले, मगर मेरे प्यार को भी तू थोड़ा पहचान ले, कितना इंतज़ार किया है तेरे इश्क़ में मैंने, जरा इस दिल की बेताबी को भी तू जान ले...
कहने को तो कई अपने थे मेरे , पर वो जरा व्यस्त थे अपनी दुनियां में , उनमे से कुछ ही थे जो समय निकल पाये, मेरे लिए मेरे बुरे समय में..
फूल खिलते रहे जीवन की राह में, ख़ुशी चमकती रहे आपकी निगाह में, हर कदम पे मिले ख़ुशी की बहार आपको, मेरे दिल से नए साल की शुभकामनाये आपको..
मैं फिर से निकलूंगा तलाश ए-जिन्दगी में, दुआ करना दोस्तो इस बार किसी से इश्क ना हो.
तेरी चौखट से सिर उठाऊं तो बेवफा कहना, तेरे सिवा किसी और को चाहूँ तो बेवफा कहना, मेरी वफाओं पे शक है तो खंजर उठा लेना, मैं शौक से मर ना जाऊं तो बेवफा कहना.
वो जो कहते थे हम आपसे ही बात करते हैं, वो ना जाने अब कितनों से बात करते हैं.
ज़ख्म लगा के मेरे दिल पे बड़ी सादगी के साथ, टूटे हुए मेरे दिल का क्या पूछते हो? ठुकरा दिया जो तुमने मोहब्बत को इस तरह, पलट-पलट के प्यार से क्या देखते हो,..
कुछ इस तरह पढे गए हम, जैसे पुराना अखबार थे, कुछ इस तरह छूट गए हम, जैसे गणित का सवाल थे।
हर वक्त मिलती रहती है, मुझे अनजानी सी सजा, मैं कैसे पुछु तकदीर से कि मेरा कसूर क्या है.
रूठ कर बैठे है जिनसे, उन्हें इस बात से नहीं कोई लेना देना, यही कैसा रिश्ता है उनका, यही कैसा उनका अपना कहना.
उनको मालूम है कि उनके बिना हम टूट जाते हैं, फिर क्यूँ वो आज़माते हैं हमको बिछड़-बिछड़ कर।
जख़्म इतना गहरा हैं इज़हार क्या करें। हम ख़ुद निशां बन गये ओरो का क्या करें। मर गए हम मगर खुली रही आँखे हमरी। क्योंकि हमारी आँखों को उनका इंतेज़ार हैं।
एक खेल रत्न उसको भी दे दो, बड़ा अच्छा खेलता है वो दिल से.
हम गमो को छिपाने का कारोबार करते है, कसूर बस इतना है की हम गम देने वाले से ही प्यार करते है.
सुकून की तलाश में निकले थे हम, तो दर्द बोला औकात भूल गए क्या.
भीड़ में भी तन्हा रहना मुझको सिखा दिया, तेरी मोहब्बत ने दुनिया को झूठा कहना सिखा दिया, किसी दर्द या ख़ुशी का एहसास नहीं है अब तो, सब कुछ ज़िन्दगी ने चुप-चाप सहना सिखा दिया।
उसने हर नशा सामने लाकर रख दिया और कहा, सबसे बुरी लत कौन सी हैं, मैने कहा तेरे प्यार की।
जिसको आज मुझमे हजारो गलतिया नजर आती हैं, कभी उसी ने कहा था तुम जैसे भी हो मेरे हो।
किसी को न पाने से जिंदगी खत्म नहीं होती, लेकिन किसी को पाकर खो देने से कुछ बाकी भी नहीं रहता.
मन करता है अब तुझे भूल जाने का, उन हसीन पलो को दिलसे मिटाने का, जब तुझे मेरी याद आती ही नहीं, तो क्या फ़ायदा तुझसे दिल लगाने का..
बात करने को तरसा हूं, आवाज़ सुनने को तरसोगी।
सोचा था तड़पायेंगे हम उन्हें, किसी और का नाम लेके जलायेगें उन्हें, फिर सोचा मैंने उन्हें तड़पाके दर्द मुझको ही होगा, तो फिर भला किस तरह सताए हम उन्हें।
उलझते रहने में कुछ भी नहीं थकन के सिवा, बहुत हक़ीर हैं हम तुम बड़ी है ये दुनिया.
मेरी हर आह को वाह मिली है यहाँ, कौन कहता है दर्द बिकता नहीं है.
वजह क्या है मुझे खुद नहीं मालूम पर, आज बहुत उदास, बहुत उदास हूँ मैं..
सिर्फ दो ही सब तेरा साथ चाहिए, एक तो भी और एक आने वाले कल मे।
वो बिछड़ के हमसे ये दूरियां कर गई, न जाने क्यों ये मोहब्बत अधूरी कर गई, अब हमे तन्हाइयां चुभती है तो क्या हुआ, कम से कम उसकी सारी तमन्नाएं तो पूरी हो गई।
दिल की क्या बिसात थी निगाह-ए-जमाल में, इक आइना था टूट गया देख-भाल में।
ये मोहब्बत का फ़साना भी बदल जायेगा, वक़्त के साथ जमाना भी बदल जायेगा।
मुझे इश्क के लिए तेरी जरुरत नहीं, कुछ यादें और कुछ तस्वीरे छुपा रखी है दिल में.
लोग मेरे आशियाने की तारीफ़ किया करते हैं, हम उसी तारीफ़-ए-आशियाँ में घुट-घुट के जीया करते हैं.
धीरे धीरे सब दूर होते गए, वक़्त के आगें मजबूर होते गए, रिस्तों में हमने ऐसी चोट खाई की, बस हम बेवफा और सब बेकसूर होते गए.
ना जाने किस बात पे वो नाराज हैं हमसे, ख्वाबों मे भी मिलता हूँ तो बात नही करती।
काश ये सिलसिला हो जाए, मैं मिट जाऊं या फासला घट जाए।
कुछ हार गई तकदीर कुछ टूट गये सपने, कुछ गैरों ने किया बरबाद कुछ भूल गये अपने।
सारी दुनिया के हैं वह मेरे सिवा, मैंने छोड़ दी दुनिया जिनके लिये.
पढ़ ना लें कहीं एक दूसरे की आँखों की उदासी, हम मिलते हैं अब भी नज़रें मिलाते नहीं हैं.
तीखी बातो से जख्म भरे तो नहीं हैं, ठुकरा दिय गए है पर डरे तो नहीं हैं, क्या हुआ अगर दिल टूट गया हैं , मोहब्बत में हारे हैं मरे तो नहीं हैं..
दोस्ती वो एहसास है जो मिलता नहीं, दोस्ती वो पर्वत है जो झुकता नहीं, इसकी कीमत क्या है पूछो हमसे, ये वो अनमोल मोती है जो बिकता नहीं..
मुझे तेरे ख्वाबों से प्यार इतना हैं, की खुदको उनके लिए निसार करदू, करू बस तुझसे मैं मोहब्बत इतनी, और अपना ये साल तेरे नाम करदू.
ऐसा नहीं है- कि अब तेरी जुस्तजू नहीं रही, बस टूट कर बिखरने की आरज़ू नहीं रही।
अपनों के दिये गम, कह भी नहीं पाते, सह भी नहीं पाते।
हम अपनी हस्ती मिटा कर भी तनहा हैं, सब कुछ लुटा कर भी तनहा हैं..
कर दिया आजाद उनको, जो दिल में हमारे रहकर, ख्वाब किसी और के देखते थे.
न जाने प्यार करके भी Single रह गए हम, वो आज भी हमको याद आते हैं..
आज Single हूँ, पर किसी को हमने भी दिल दिया था..!!
हर सिग्नल तेरी याद दिलाता है, तूने भी रंग कुछ इसी तरह बदला था.
संभलकर चलना हम भी जानते थे, पर ठोकर भी लगी उसी पत्थर से जिसे हम अपना समझते थे.
खूब देखे होंगे आंसू ख़ुशी के तुमने, कभी मिलो हमसे , तुम्हे गम के हसी दिखाएंगे..
हमने तुम्हें उस दिन से और भी ज़्यादा चाहा है, जबसे मालूम हुआ तुम हमारे होना नही चाहते.
दिल में छुपे हो, दूर जाओगे कैसे, मैं कबर में छुप जाऊं, तो ढूंढ पाओगे कैसे.
आज फिर याद आये, तुम उन बीते लम्हों में, आखिर वो लम्हे ही तो हैं, जिन्हें हम अपना बना पाए.
दोस्ती करने की गलती तोह कर ली है मैंने, तोह अब दुश्मनी करने का मौका भी नहीं जाने दूंगा..
बिन बात के ही रूठने की आदत है, किसी अपने का साथ पाने की #चाहत है, आप खुश रहें, मेरा क्या है, मैं तो आइना हूँ, मुझे तो टूटने की आदत है।
मेरा जूनून मेरी दीवानगी मेरी इन्तहा हो तुम, तुम्हे भला कैसे समझाए मेरे लिए क्या हो तुम।
ऐ बुरे वक्त, जरा अदब से पेश आ, वक्त नही लगता वक्त बदलने में।
चुपके चुपके पहले वो ज़िन्दगी में आते हैं, मीठी मीठी बातों से दिल में उतर जाते है, बच के रहना इन हुसन वालों से यारो, इन की आग में कई आशिक जल जाते हैं..
तुमसे मुलाक़ात हो या ना हो कोई गम नहीं, तुम बस सामने से गुजर जाना ये भी किसी मुलाक़ात से कम नहीं.
ये इश्क मोहब्बत की, रिवायतें भी अजीब है, पाया नहीं है जिसको उसे खोना भी नहीं चाहते।
जब मैं डूबा तो समुन्दर को भी हैरत हुयी, अजीब शख्स है किसी को पुकारता भी नहीं.
किश्तों में खुदकुशी कर रही है ये जिन्दगी, इंतज़ार तेरा - मुझे पूरा मरने भी नहीं देता..
वफ़ा और मोहब्बतों के ज़माने गये जनाब, अब तो दिल को बहलाने का सामान है मोहब्बत.
ज़िन्दगी यूँ हुई बसर तन्हा, काफिला साथ और सफ़र तनहा..
शायद मुझ में ही कमी थी, वरना मैं सिंगल ना रहता..
धोखेबाजी से बचने के लिए हम सिंगल ही रहे, क्यूँकि ये लड़कियाँ प्यार कम धोखा ज्यादा देती हैं..
दर्द है दिल में पर इसका एहसास नहीं होता, रोता है दिल जब वो पास नहीं होता, बर्बाद हो गए हम उसके प्यार में, और वो कहते हैं इस तरह प्यार नहीं होता.
न करवटे थी न बेचैनियाँ थी, क्या गजब की नीँद थी मोहब्बत से पहले.
आती है जब याद तेरी तो तेरी यादों में हम खो जाते हैं, आजकल तुझे सोचते-सोचते ही हम सो जाते है, तू बदनाम ना हो इसीलिए जी रहा हूँ मैं, वरना मरने का इरादा तो रोज होता है.
इतनी सारी बातें मत किया करो मुझसे, दोस्ती को प्यार में बदलते वक्त नहीं लगता है..
ऐ दिल थोड़ा इंतजार कर, उसे भी पता चल जायेगा उसने क्या खोया है.
नफरतें लाख मिलीं पर मोहब्बत न मिली, ज़िन्दगी बीत गयी मगर राहत न मिली, तेरी महफ़िल में हर एक को हँसता देखा, एक मैं था जिसे हँसने की इजाज़त न मिली.
ऐ-खुदा लोग बनाने थे पत्थर के अगर, तो मेरे एहसास को शीशे सा न बनाया होता।
शाम भी थी धुआँ धुआँ हुस्न भी था उदास उदास, दिल को कई कहानियाँ याद सी आ के रह गईं।
ग़मों ने घेर लिया है मुझे तो क्या ग़म है, मैं मुस्कुरा के जियूँगा तेरी ख़ुशी के लिये, कभी कभी तू मुझे याद कर तो लेती है, सुकून इतना सा काफ़ी है ज़िन्दगी के लिये.
उल्फत में कभि यह हाल होता है, आंखे हस्ती है मगर दील रोता है, मानते है हम जिससे मंजिल अपनी, हमसफ़र उसका कोई और होता है..
तू भुला दे मुझे इस बात का शिक़वा नही, तू ने मुझे रुलाया इस बात का कोई गिला नही, जिस दिन हमने तुझे भुला दिया, बस तभी समझ लेना कि दुनिया मे हम नहीं।
एक वक़्त था, जब किसी के इंतज़ार में रहा करता था, आज तो बिल्कुल single हूँ, फिर भी उसी का इंतज़ार करता हूँ..
मैं क्यों कुछ सोच कर दिल छोटा करू, वो उतनी ही कर सकी वफा जितनी उसकी औकात थी.
नींद चुराने वाले पूछते हैं सोते क्यों नही, इतनी ही फिक्र है तो फिर, हमारे होते क्यों नही।
इस सर्दी कुछ ऐसा खास हो, तुम सिर्फ मोबाइल पर नहीं, हकीकत में मेरे पास हो..
मत आने दो किसी को करीब इतना, कि उससे दूर जाने से इंसान खुद से रूठ जाये.
Tum khafa ho gaye to koi khushi na rahegi, Tere bina chirago mein roshni na rahegi, Kya kahe kya guzregi dil par, Zinda to rahenge par zindagi na rahegi.
First0102030405Last
दर्द का एहसास तो तब होता है, जब किसी से मोहब्बत होती है, पर मोहब्बत का अंजाम तो तब पता चलता है, जब वो दिल तोड़ कर चली जाती है
तुम्हारी यादों का सिलसिला चलता है, जब भी तन्हा होता हूँ मैं, पर तुम्हारा कोई खबर नहीं आता है, जब भी तुम्हें याद करता हूँ मैं
दर्द तो तब होता है, जब वो पास होते हैं, और हम उन्हें अपना नहीं कह सकते।
वो तो खुश है अपनी दुनिया में, किसी को भूल कर, किसी के साथ, और इस तरह मेरी ज़िन्दगी बर्बाद कर गए, कि न तो भूला पाया उन्हें, न तो जी पाया किसी के साथ।
आज भी तेरी यादों का आलम है, आज भी तेरे बिना दिल बेकरार है, आज भी तेरा इंतज़ार है मुझे, आज भी तेरी बातों का असर है।
वो तो खुदा हैं, मुझे उनसे कोई गिला नहीं, बस जो था मेरा, उसे किसी और का कर दिया।
दिल को तोड़ना था तो बता देते, हम भी तैयार हो जाते, यूँ तो अचानक छोड़ कर जाना, ये तो बेवफाई की हद है।
जब भी तेरी याद आती है, आँखों में आँसू भर आते हैं, तू तो खुश है अपनी दुनिया में, हमें तो तेरे बिना ही मर जाना है।
दर्द तो ये है कि तुम नहीं हो मेरे पास, वरना ज़िन्दगी में कोई गम नहीं है
वो तो खुश हैं अपनी दुनिया में, और हम तन्हा रह गए उनकी याद में
जब से तुमसे मोहब्बत की है, तब से हर लम्हा रोया है हमने
आँखों में आंसू और दिल में दर्द, ये है हमारी शायरी का अंजाम
रूठा हुआ सवेरा है, मेरी तन्हाई ने कहा है, तेरी मुस्कान का सफर है, जिसमें हर दर्द को छुपाया है।
खुद से बातें करता हूँ, ख्वाबों के सफर में, तेरी यादों का रास्ता है, जो हर रात मेरे साथ है।
आँसू बहाता हूँ, रातें लम्बी करता हूँ, तेरी बिना जीना मुश्किल है, जो मैं बर्बाद करता हूँ।
रातें हैं राज़ की, सितारों में बातें हैं, तेरे बिना यहाँ, सारी रातें उदास रातें हैं।
दिल की दहलीज़ों में बसी है तेरी बातें, तेरे साथ बिताए हर लम्हा, है मेरी खुशियों की राहतें।
चेहरे पर मुस्कान रखकर भी, है दिल में बेचैनी, तू है जिन्दगी की राहों में, हर पल की मिठास की वजह।
तेरी बातों का जादू, है मेरे दिल की धड़कनों में, तू है वो कहानी, जो हर रात बनती है सपनों में।
दिल की दास्तान, है तेरी मुस्कान के ख्वाबों में, तू है वो शख्स, जिससे है सफर का हर कदम मेहसूस।
आँसू छुपा कर हंसी में, है तेरी बातों की वफाएं, तू है मेरी कहानी, जो हर पल दिल को छू जाए।
बेवफा थे वो तो हमें पता था, पर इतना जल्दी भूल जाएंगे ये सोचा न था
उनकी आँखों में देखा था प्यार का सागर, पर वो तो बस एक झूठा ख्वाब निकला
अब तो बस एक तमन्ना है दिल में, कि वो लौट कर आएं और मुझे माफ करें
दिल को तोड़ दिया उसने बिना कुछ कहे, वो तो चला गया मुझे अकेला छोड़ के, मैं रोता रहा उसकी याद में दिन रात, उसको कोई फर्क नहीं पड़ा मेरी हालात पर
वो खुश है अपनी दुनिया में किसी और के साथ, मुझे तो बस उसकी एक झलक देखने को तरसता हूँ,वो भूल गया है हमारे बीते हुए पलों को, मैं तो उन्हीं यादों में जीता हूँ
तुम्हारे बिना जीना सीख लिया है हमने, पर तुम्हारे बिना मुस्कुराना नहीं आता।, दर्द तो अब भी उतना ही है जितना पहले था, बस अब रोना नहीं आता।
वो तो बस एक बहाना था तुम्हारा जाने का, वरना तुम्हें कौन सा गम था हमारे रहने का। तुम तो बस अपनी खुशी के लिए चले गए, और हमें यूँ ही अकेला छोड़ गए।
जब तक थे तुम साथ मेरे, तो थी हर खुशी मेरी, जब से गए तुम दूर मुझसे, तो हुई हर बात तकलीफदेह। अब तो बस यादों का सहारा है मुझे, जो भी मिला है तुमसे, वो ही प्यारा है मुझे।
वो तो बस एक लम्हा था जो गुजर गया हमारे साथ, पर उस लम्हे का असर अब तक है हमारे दिल पर। वो तो बस एक ख्वाब था जो टूट गया हमारे सामने, पर उस ख्वाब का नशा अब तक है हमारे आँखों में।
दिल तोड़ने का शुक्रिया तुम्हारा, दर्द देने का भी आभार है तुम्हारा, जो तुमने किया है मुझसे वो तो वफ़ा है तुम्हारी, क्योंकि तुम्हारा तो बस खेल था, और मेरा प्यार है तुम्हारा।
बेवफाई का गम तो सह लेंगे हम, पर वो खुशी का पल कैसे भूलेंगे हम, जब तुमने कहा था की तुम सिर्फ हमारे हो, तो फिर ये बता दो की तुमने हमें क्यों छोड़ दिया।
तुम्हारी यादों का साया अब भी मेरे साथ है, तुम्हारी बातों का असर अब भी मेरे साथ है, तुमने तो कह दिया की तुम मुझसे नाराज हो, पर फिर भी तुम्हारा प्यार अब भी मेरे साथ है।
तुम्हारे बिना जीना मुश्किल है, तुम्हारे बिना जीना अधूरा है, तुम्हारे बिना जीना बेमानी है, तुम्हारे बिना जीना तो बस जीना है।
वो तो बस एक ख्वाब था जो टूट गया, मेरा दिल तो एक शीशा था जो फूट गया। उनकी यादों का दर्द अब भी है ताज़ा, मेरी आँखों का नमी अब भी है बाकी।
उनके बिना अब कुछ भी अच्छा नहीं लगता, उनके बिना अब कोई भी अपना नहीं लगता। उनके बिना अब जीना भी मुश्किल है, उनके बिना अब मरना भी आसान नहीं है।
उनकी बातों का अब भरोसा नहीं है, उनकी वफ़ा का अब यक़ीन नहीं है। उनकी आवाज़ का अब इंतज़ार नहीं है
उनका दिल तो बस एक खेल था, जिसमें मुझे बस एक रोल था। उनका प्यार तो बस एक झूठ था, जिसमें मै बस एक Fool था।
उनके लिए तो मैं बस एक वक़्त का साथी था, जिसे वो भूल गए एक पल में। मेरे लिए तो वो मेरी जान थे, जिसे मैं भूल नहीं सकता एक जनम में।
उनके साथ तो मैं बस एक लम्हा था, जिसे वो बदल गए एक पल में।, मेरे साथ तो वो मेरा साथी थे, जिसे मैं छोड़ नहीं सकता एक दम में।
सिर्फ अश्क ही गवाही दे सकते है मेरी, की दिल कितनी शिद्दत से याद करता है तुझे. ✤miss you love ✤
मैंने छोड़ दिया है, किस्मत पर यकीन करना, अगर लोग बदल सकते है, तो किस्मत क्या चीज है..
टूटा दिल और धड़कन को एहसास ना हुआ, पास होकर भी वो दिल के पास न रहा, जब दूर थी तो,जान थी मेरी, आज जब हम क़रीब आये तो वो एहसास ना रहा.
इश्क अधुरा हो तो ही बयाँ होता है, साहब, मुक्कमल मोहब्बत के शायर सुने नहीं मैंने.
क़िस्मत वालों को ही मिलती, पनाह मेरे दिल में, यूं तो हर शख़्स को, जन्नत का पता नहीं मिलता..
उठते नहीं हैं अब तो दुआ के लिए भी हाथ, किस दर्जा ना-उमीद हैं परवरदिगार से।
अक्सर जब हम उनको याद करते हैं, अपने रब से यही फरयाद करते हैं, उम्र हमारी भी लग जाये उनको, क्योंकी हम उनको खुद से ज्यादा प्यार करते हैं.
लिखना तो ये था कि खुश हूँ तेरे बगैर भी, पर कलम से पहले आँसू कागज़ पर गिर गया.
अब न खोलो मेरे घर के उदास दरवाज़े, हवा का शोर मेरी उलझनें बढ़ा देता है.
जब रिश्ता नया होता है तो, लोग बात करने का बहाना ढ़ुंढ़ते है, और जब वही रिश्ता पुराना हो जाता है, तो लोग दूर होने का बहाना ढूढ़ते है.
कांच के दिल थे जिनके उनके दिल टूट गए, हमारा दिल था मोम का पिघलता ही चला गया.
जब भी कोई हद से ज्यादा याद आता है, तब बच्चे की तरह रोने का मन करता है.
भले ही किसी गैर की जागीर थी वो, पर मेरे ख्वाबों की भी तस्वीर थी वो, मुझे मिलती तो कैसे मिलती, किसी और के हिस्से की तकदीर थी वो.
उस ने पूछा था क्या हाल है, और मैं सोचता रह गया.।
चल मेरे हमनशीं अब कहीं और चल, इस चमन में अब अपना गुजारा नहीं, बात होती गुलों तक तो सह लेते हम, अब काँटों पे भी हक हमारा नहीं.
थोडा सा व्यस्त क्या हुआ, ऐसा लगने लगा जैसे वक्त ने अपनी गति ही बढ़ा ली है, किस्मत ने भी खूब गेम खेली है मेरे साथ, जितनी भी दोस्त दिये सभी बिजी दिए..
बर्बाद कर गए वो #ज़िंदगी प्यार के नाम से, बेवफाई ही मिली हमें सिर्फ वफ़ा के नाम से, जख्म ही जख्म दिए उस ने दवा के नाम से, आसमान रो पड़ा मेरी मोहब्बत के अंजाम से।
दिल से निकली दुआएं हैं यह, की आपका हर दिन एक सुनहरा दिन हो, और आपकी हर रात चमके चांदनी की तरह, इस नए साल में आपको हर ख़ुशी और समृद्धि मिले, नया साल मुबारक हो..
जिसे चाहा, वो नहीं मिली, शायद इसलिए आज भी single हूँ...
रहने दो मुझको उलझा हुआ सा तुझसे, सुना है सुलझाने से धागे अलग हो जाते है.
न व्यस्त हो न नाराज़ हो तुम, फिर किन गलियों में आज हो गुम, तुमसे बात करते हुए डर लगता है, बड़ी जल्दी ही बदलती मिजाज हो तुम...
हकिकत की रस्सियों पे लटककर, न जाने कितने ही ख्वाब खूदकुशीं कर गये.
तूने कहा था तेरा हक़ है मांगा मत कर, आज तुझे मांगता हूँ मना मत कर, हम दोनों साथ में बड़े प्यारे लगते है, तू हम दोनों को जुदा मत कर.
बेवफाई उसकी दिल से मिटा के आया हूँ, ख़त भी उसके पानी में बहा के आया हूँ, कोई पढ़ न ले उस बेवफा की यादों को, इसलिए पानी में भी आग लगा कर आया हूँ।
वो जो हमसे नफरत करते हैं, हम तो आज भी सिर्फ़ उन पर मरते हैं, नफ़रत है तो क्या हुआ यारों, कुछ तो है जो वो सिर्फ हमसे करते हैं।
कुछ लोगों से आज कुछ तो सीखा, पहले अपने जैसा बनाते हैं ये, फिर अकेला छोड़ देते है..
न जाने क्यों वक़्त इस तरह गुजर जाता है, जो वक़्त बुरा है वो पलट के सामने आता है, और जिस वक़्त को हम दिल से पाना चाहते हैं, वो तो बस एक लम्हा बनकर बीत जाता है।
सांस रुक-रुक के आ रही है, कुछ ना कुछ बात होने वाली है, या बहुत दूर जा चुका है कोई या मुलाक़ात होने वाली है.
शिकायतों की पूरी किताब तुम्हें सुनानी है, फुर्सत में अगली जिंदगी सिर्फ मेरे लिए लेकर आना।
मत किया कर ऐ दिल किसी से मोहब्बत इतनी, जो लोग बात नही करते वो प्यार क्या करेगें.
युं तो गलत नही होते अंदाज चहेरों के लेकिन लोग, वैसे भी नहीं होते जैसे नजर आते है.
हमे तो तुम्हारी कसम देकर, हजारो ने लूटा है।
कुछ तो सोचा होगा कायनात ने तेरे-मेरे रिश्ते पर, वरना इतनी बड़ी दुनिया में तुझसे ही बात क्यों होती.
अहसास मिटा, तलाश मिटी, मिट गई , उम्मीदें भी सब मिट गया पर जो न मिट, ना सका वो है यादें तेरी..
टूटा हो दिल तो दुःख होता है, करके मोहब्बत किसी से ये दिल रोता है, दर्द का एहसास तो तब होता है, जब किसी से मोहब्बत हो और, उसके दिल में कोई और होता है.
छुप के तेरी तस्वीरें देखता हूँ, बेशक तू ख़ूबसूरत आज भी है, पर चेहरे पर वो मुस्कान नहीं, जो मैं लाया करता था.
मुद्दत के बाद आज उसे देख कर ‘मुनीर’ इक बार दिल तो धड़का मगर फिर सँभल गया.
हम तुम्हें मुफ़्त में जो मिले हैं, क़दर ना करना हक़ है तुम्हारा.
जिसे खुद से ही नहीं फुरसतें, जिसे खयाल अपने कमाल का, उसे क्या खबर मेरे शौक़ की, उसे क्या पता मेरे हाल का.
आज फिर किसी का गम अपना बनाने को जी करता है, किसी को दिल में बिठाने को जी करता है, आज दिल को क्या हुआ खुदा जाने, बुझती हुई शमा फिर जलाने को जी करता है.
वादा करता हूँ उम्र भर तेरा इंतज़ार करूंगा, तेरे जाने के बाद भी मैं तुमसे प्यार करूंगा, माना मेरी किश्मत में तू नहीं, लेकिन खुदा से तुझे पाने की दुआ हर बार करूंगा.
बहुत देर कर दी तूने मेरी धडकनें महसूस करने में, वो दिल नीलाम हो गया, जिसपर कभी हकुमत तेरी थी.
दिल आबाद कहाँ रह पाए उस की याद भुला देने से, कमरा वीराँ हो जाता है इक तस्वीर हटा देने से..
सुकून की तलाश में हम दिल बेचने निकले थे, खरीददार दर्द भी दे गया और दिल भी ले गया.
मुक़द्दर की लिखावट का एक ऐसा भी काएदा हो, देर से किस्मत खुलने वालो का दुगुना फायेदा हो..
मोहब्बत का कोई कसूर नहीं, उसे तो मुझसे रूठना ही था, दिल मेरा शीशे सा साफ़, और शीशे का अंजाम तो टूटना ही था..
हाथ कि लकीरों पर ऐतबार कर लेना, भरोसा हो तो किसी से प्यार कर लेना, खोना पाना तो नसीबों का खेल है, ख़ुशी मिलेगी बस थोड़ा इंतज़ार कर लेना..
तू चांद और मैं सितारा होता, आसमान में एक आशियाना हमारा होता, लोग तुम्हें दूर से देखते, नजदीक से देखने का हक़, बस हमारा होता।
रख लो दिल में संभाल कर थोड़ी सी यादें हमारी, रह जाओगे जब तन्हा तब बहुत काम आएंगे हम.
थोड़ी-सी तो जिंदगी है, क्या तेरा रूठ जाना जरूरी था।
बिखरा वजूद, टूटे ख़्वाब, सुलगती तन्हाईयाँ, कितने हसीन तोहफे दे जाती है ये मोहब्बत।
यादें महकाएगा, गीत लिखवाएगा, आंसू छलकाकर अकेला छोड़ जायेगा, उम्मीदे लाएगा, हसरतें जगायेगा, जीना सिखाएगा, यादें दे जायेगा, नया साल क्या लाएगा, नया साल भी गुजर जायेगा..
मुमकिन नहीं की वो मुझे भुला देगा, वो हर पल हरदम मुझको दुआ देगा.
तुम अपने ज़ुल्म की इन्तेहाँ कर दो, फिर कोई हम सा बेजुबां मिले ना मिले.
हर यार वफादार नहीं होता, हर पत्थर चमकदार नहीं होता, न जाने बाग़ में कितने फूल खिले है, हर फूल खुशबूदार नहीं होता.
अब बस भी कर ज़ालिम, कुछ तो रहम खा मुझ पर, चली जा मेरी नज़र से दूर कहीं मैं शायर ना बन जाऊं।
रुठुंगा अगर तुजसे तो इस कदर रुठुंगा की, ये तेरी आँखे मेरी एक झलक को तरसेंगी.
सोचा ना था वो शख्स भी, इतनी जल्दी साथ छोड़ जायेगा, जो मुझे उदास देखकर कहता था, मैं हूँ ना.
अकेले तो हम पहले भी थे, न जाने क्यों अकेले हो गए है, तेरे जाने के बाद..
जीना चाहता हूँ मगर जिनदगी राज़ नहीं आती, मरना चाहता हूँ मगर मौत पास नहीं आती, उदास हूँ इस जिनदगी से, क्युकी उसकी यादे भी तो तरपाने से बाज नहीं आती.
दर्द है दिल में पर इसका एहसास नहीं होता, रोता है दिल जब वो पास नहीं होता, बर्बाद हो गए हम उसके प्यार में, और वो कहते हैं इस तरह प्यार नहीं होता..
लोग बाज़ार मे आके बिक भी गये, मेरी क़ीमत लगी की लगी रह गयी.
किया है बर्दाश्त तेरा हर दर्द इसी आस के साथ, कि खुदा नूर भी बरसाता है आज़माइशों के बाद.।
चलो अब जाने भी दो क्या करोगे दास्ताँ सुनकर, ख़ामोशी तुम समझोगे नहीं और बयाँ हमसे होगा नहीं।
मोबाइल Busy होने पर भी अब तो रिश्तों में दरार आ जाते हैं, ना जाने प्यार से बचने के लिए लोग कितने बहाने बनाते है..
ये वक़्त नूर को बेनूर कर देता है, छोटे से जख्म को नासूर कर देता है, कौन चाहता है अपनों से दूर रहना, पर वक़्त सबको मजबूर कर देता है।
वो बात क्या करें जिसकी कोई खबर ना हो, वो दुआ क्या करें जिसका कोई असर ना हो, कैसे कह दे कि लग जाय हमारी उमर आपको, क्या पता अगले पल हमारी उमर ना हो।
परवाह नहीं मेरी, तो नजर क्यों रखते हो, मैं किस हाल में जिंदा हूं, ये खबर क्यों रखते हो.
मेरी मुस्कराहट को हकीकत ना समझ ऐ दोस्त, दिल में झांक कर देख कितने उदास हैं हम.
हर वक़्त का हँसना तुझे बर्बाद न कर दे, तन्हाई के लम्हे में कभी रो भी लिया कर..
बर्बाद कर गए वो ज़िंदगी प्यार के नाम से, बेवफाई ही मिली हमें सिर्फ वफ़ा के नाम से, ज़ख़्म ही ज़ख़्म दिए उस ने दवा के नाम से, आसमान रो पड़ा मेरी मोहब्बत के अंजाम से.
मैं फिर से निकलूंगा तलाश ए-जिन्दगी में, दुआ करना दोस्तो इस बार किसी से इश्क ना हो..
उनकी आवाज़ सुनने को बेकरार रहते हैं, शायद इसी को दुनिया में प्यार कहते हैं, काटने से भी जो ना कटे वक्त, उसी को मोहब्बत में इंतज़ार कहते हैं..
डूबी है मेरी उंगलियाँ मेरे ही खून में, ये काँच के टुकड़ो पर भरोसे की सज़ा है.
कमाल की मोहब्बत थी मुझसे उसको अचानक, ही शुरू हुई और बिना बताये ही ख़त्म हो गई।
एक ये ख्वाहिश के कोई ज़ख्म न देखे दिल का, एक ये हसरत कि कोई देखने वाला तो होता..
तुमसे नहीं होगा मेरे दर्द का इलाज़, घाव को नासूर हुए वर्षे गुजर गयीं।
हर रात जान बूझकर रखती हूँ दरवाज़ा खुला,शायद कोई लुटेरा मेरा गम भी लूट ले.
ऐ दिल थोड़ा इंतजार कर, उसे भी पता चल जायेगा उसने क्या खोया है..
हर वक्त मिलती रहती है, मुझे अनजानी सी सजा, मैं कैसे पुछु तकदीर से कि मेरा कसूर क्या है...
वक्त की रवानी ने कुछ इस तरह सबक सिखा डाला, वफा बाकी रही पर मिजाज-ए-इश्क बदल डाला।
सच्चा इश्क किया था, तो अब, हम भी बेवफाई के गीत गायेंगे, बेवफाई में तेरा नाम न उठे, इसलिए हम आसू लेकर हर शहर मुकुरायेंगे..
जैसी है तेरी ख्वाइश वैसे प्यार करेंगे, हर धड़कन पर अपनी वफ़ा का इक़रार करेंगे, जहाँ भी जाओगे हर कदम हममे ही पाओगे, इश्क़ के हर मोड़ पर तेरा इंतज़ार करेंगे..
इशरत-ए-क़तरा है दरिया में फ़ना हो जाना, दर्द का हद से गुज़रना है दवा हो जाना.
ज़मीन पर मेरा नाम वो लिखते और मिटाते हैं, वक्त उनका तो गुजर जाता है, मिट्टी में हम मिल जाते हैं।
दिल अमीर था और मुकद्दर गरीब था, अच्छे थे हम मगर बुरा नसीब था, लाख कोशिश कर के भी कुछ ना कर सके हम, घर भी जलता रहा और समंदर भी करीब था..
उनकी तस्वीर को सीने से लगा लेते हैं, इस तरह जुदाई का गम मिटा लेते हैं, अगर कभी उनका जिक्र हो जाए तो, भीगी पलकों को हम झुका लेते हैं.
अपनी तो मोहब्बत की यही कहानी है, टूटी हुई कश्ती ठहरा हुआ पानी है, एक फूल किताबोँ मेँ दम तोड़ चुका है, मगर याद नहीँ आता ये किसकी निशानी है.
मुझे फुरसत ही कहाँ मौसम सुहाना देखूं, मै तेरी ज़ात से निकलूं तो ज़माना देखूं.
अगर नींद आ जाये तो, सो भी लिया करो, रातों को जागने से, मोहब्बत लौटा नहीं करती।
अब भी ताज़ा है ज़ख़्म सीने में, बिन तेरे क्या रखा है जीने में, हम तो ज़िंदा हैं तेरा साथ पाने को, वरना देर कितनी लगती है ज़हर पीने में.
बिछड़ के तुम से ज़िंदगी सज़ा लगती है, यह साँस भी जैसे मुझ से ख़फ़ा लगती है.
मेरी मुस्कराहट को हकीकत ना समझ ऐ दोस्त, दिल में झांक कर देख कितने उदास हैं हम..
तू पास नहीं तो क्या हुआ, मोहब्बत तो हम तेरी दूरियों से भी करते है।
ख़त में मेरे ही ख़त के टुकड़े थे, और मैं समझा के मेरे ख़त का जवाब आया है.
दोनों जहान तेरी मोहब्बत में हार के, वो जा रहा है कोई शबे-ग़म गुजार के..
बड़े ही अजीब हैं ये जिंदगी के रास्ते, अनजाने मोड़ पर कुछ लोग अपने बन जाते है, मिलने की खुशी दे या ना दे, मगर बिछड़ने का गम जरुर दे जाते हैं.
ना प्यार कम हुआ, ना प्यार का एहसास, पर अब उसके बिना, जिंदगी गुजारने की कोशिश कर रहे हैं.
महफिल लगी थी बद-दुआओं की, हमने भी दिल से कहा, उसे इश्क़ हो, उसे इश्क़ हो, उसे इश्क़ हो।
आजकल इतना Busy हर इन्सान हो गया, और सब कुछ तो पाया, बस सुकून खो गया..
रोये कुछ इस तरह से मेरे जिस्म से लग के वो, ऐसा लगा कि जैसे कभी बेवफा न थे वो।
उस मोड़ से शुरू करनी है फिर से जिंदगी, जहा सारा शहर अपना था और तुम अजनबी।
जो बात उसे कहनी ना थी, हाले दिल अपना सुना गया कोई, सूने मन के इस आंगन में आस मिलन की जगा गया कोई, रहता हूँ मैं कुछ खोया खोया सा जाने क्यूँ मुझको रुला गया कोई.
मेरी कोशिश कभी कामयाब ना हो सकी, न तुझे पाने की न तुझे भुलाने की.
क्यों किसी से इतना प्यार हो जाता है, एक पल का इंतज़ार भी दुश्वार हो जाता है, लगने लगते हैं अपने भी पराये, और एक अजनबी पर ऐतबार हो जाता है...
मेरी गलती बस यही थी के मैंने हर, किसी को खुद से ज़्यादा जरुरी समझा।
ज़हर देता है कोई, तो कोई दवा देता है, जो भी मिलता है मेरा दर्द बढ़ा देता है।
बिना उसके दिल का हाल कैसे बतलाऊ, जैसे खाली बस्ता हो किसी नालायक बच्चे का.
मेरी जगह कोई और हो तो चीख उठे, मैं अपने आप से इतने सवाल करता हूँ.
नज़र अंदाजी का बड़ा शौक था उनको, हमने भी तोहफे में उनको उन्हीं का शौक दे दिया.
आंखों से आँखे मिला गया कोई, दिल की कलियाँ खिला गया कोई, दिल की धड़कन यूँ बेताब न थी, मुझको दीवाना बना गया कोई.
जैसे कोई बच्चा रोते-रोते थककर सो जाता है, हमारे दिल का हाल अक्सर कुछ ऐसा ही हो जाता है.
होले होले कोई याद आया करता है, कोई मेरी हर साँसों को महकाया करता है, उस अजनबी का हर पल शुक्रिया अदा करते हैं, जो इस नाचीज़ को मोहब्बत सिखाया करता है.
तड़प के देखो किसी की चाहत में, तो पता चले कि इंतजार क्या होता है, यूं ही मिल जाए अगर कोई बिना तड़पे, तो कैसे पता चले कि प्यार क्या होता है।
पल-पल तरसे हम जिस पल के लिए, वो पल भी आया जिंदगी में बस एक पल के लिए.
ये और बात कि चाहत के ज़ख़्म गहरे हैं, तुझे भुलाने की कोशिश तो वर्ना की है बहुत।
बिन धागे की सुई सी बन गयी है ये ज़िंदगी, सीलती कुछ नहीं बस चुभती चली जा रही है.
याद करने से किसी का दीदार नहीं होता, युही किसी को याद करना प्यार नहीं होता, यादों में किसी की हम भी तड़पते है, बस उन्हें हमारे दर्द का एहसास नहीं होता..
जिसे दूर जाना हो, वो बस Busy होने का बहाना बनाता है, तोड़कर किसी का दिल, किसी और से प्यार जताता है..
फिर से एक उम्मीद पाल बैठी हूँ, फिर से तेरे पते पर चिट्टी डाल बैठी हूँ।
मैं क्यों कुछ सोच कर दिल छोटा करू, वो उतनी ही कर सकी वफा, जितनी उसकी औकात थी.
Single हूँ, पर उसकी याद में आज भी आँसू बहते हैं, इज़हार भले ही न कर पाये, पर रोज़ उनका इंतज़ार किया करते है. ..
इश्क अधुरा हो तो ही बयाँ होता है, साहब, मुक्कमल मोहब्बत के शायर सुने नहीं मैंने..
तुम्हारे माथे पे लगी बिंदी तुम्हारी रौनक बड़ा देती है, उफ ये काजल की लपटें,मुझे फिर से इश्क करा देती है.
किसी का हाथ कैसे थाम लूँ, वो तनहा मिल गयी तो क्या कहूंगा..
खबर मरने की जन आये, तो यह न समझना हम दगाबाज थे, किस्मत ने गम इतने दिए, बस ज़रा से परेशान थे।
कभी किसी चीज के लिए तरसे नहीं थे पर ना जाने क्यों, आपसे बात करने के लिए तरस जाते हैं.
देखी है बेरुखी की आज हम ने इन्तेहाँ, हमपे नजर पड़ी तो वो महफ़िल से उठ गए.
ऐ मोहब्बत तू शर्म से डूब मर, तू एक शख्स को मेरा ना कर सकी.
अभी धुप निकलने के बाद भी जो सोया है, वो तेरी याद में रात भर रोया है.
खता हो गयी तो फिर सज़ा सुना दो, दिल में इतना दर्द क्यूँ है वजह बता दो, देर हो गयी याद करने में जरूर, लेकिन तुमको भुला देंगे ये ख्याल मिटा दो।
एक उम्मीद मिली थी तुम्हारे आने से अब वो भी टूट गई, वफादारी की आदत थी हमें अब शायद वो भी छूट गई, क्या-क्या नहीं किया मैंने तेरी एक मुस्कान के लिए, फिर भी अकेला छोड़ दिया उस अनजान के लिए..
लिपट लिपट के कह रही है ये वो चन्द आखिरी शामें, लविदा कहने से पहले मुझे एक बार गले से लगा लो।
वक्त बहुत कम है साथ बिताने में, इसे न गवांना कभी रूठने मनाने में, रिस्ता तो हमने बांध ही लिया है आप से, बस थोड़ा सा साथ दे देना इसे निभाने में।
उसकी मोहब्बत का सिलसिला भी क्या अजीब था, अपना भी नही बनाया और किसी और का भी ना होने दिया.
मेरी उदासी मुझसे रोज़ मिलने आती हैं, मुस्कुराकर हर बार उसे रूखसत कर देता हूँ.
सादगी इतनी भी नहीं है अब बाकी मुझमें, कि तू वक़्त गुज़ारे और मैं मोहब्बत समझूं.
अपने दिल की बात उनसे कह भी नहीं सकते, बिना कहे जी भी नहीं सकते , ए खुदा ऐसी तक़दीर बनाओ कि, वो आकार कहे, हम तुम्हारे बिना रह नहीं सकते.
जिसके नसीब मे हों ज़माने की ठोकरें, उस बदनसीब से ना सहारों की बात कर.
यकीन था कि तुम भूल जाओगे मुझको, खुशी है कि तुम उम्मीद पर खरे उतरे.
उनके हर लम्हे की हिफाज़त करना ए खुदा, मासूम सा चेहरा उदास अच्छा नहीं लगता..
तुम्हारे बाद न तकमील हो सकी अपनी, तुम्हारे बाद अधूरे तमाम ख्वाब लगे.
उनकी सारी गलतियों को हम, उनकी नादानी समझ कर भूल गए, कभी समझ में नहीं आया नादान वो थे या हम.
मुझे परहेज है ज़ख्मों की नुमाइश से, मेरे हमदर्द रहने दे दिले-बीमार की बातें।
मिजाज को बस तल्खियाँ ही रास आईं, हम ने कई बार मुस्कुरा कर देख लिया.
वक्त की यारी तो, हर कोई कर लेता है, मजा तो तब है जब, वक़्त बदले और यार न बदले।
अभी न छेड़ मोहब्बत के गीत ऐ मुसफिर, अभी हयात का माहौल ख़ुश-गवार नहीं।
तुम्हारा दो दिन तक मुझसे बात ना करना जायज़ है वो, मगर अब तो साल हो गया क्या अब तक रूठी हो।
मेरी आँखों को सुर्ख़ देख कर कहते हैं लोग, लगता है.. तेरा प्यार तुझे आज़माता बहुत है.
नींद उड़ाकर कहते है की सो जाओ, अब कल बात करेंगे, अब वो ही हमें समझाए, आखिर कल तक हम क्या करेंगे.
खुशियों से नाराज़ है मेरी ज़िन्दगी, बस प्यार की मोहताज़ है मेरी ज़िन्दगी, हँस लेता हूँ लोगों को दिखाने के लिए, वैसे तो दर्द की किताब है मेरी ज़िन्दगी.
जब मैं डूबा तो समुन्दर को भी हैरत हुयी, अजीब शख्स है किसी को पुकारता भी नहीं..
आने वाला कल अच्छा होगा, बस इसी सोच मे आज बीत जाता है.
फायदा बहुत गिरी हुई चीज है, लोग उठाते ही रहते हैं।
ये प्यार के चक्कर में लोगो ने Best Friends जरूर खोए होंगे..
मैं बैठूंगा जरूर महफ़िल में मगर पियूँगा नहीं, क्योंकि मेरा गम मिटा दे इतनी शराब की औकात नहीं।
दिल अमीर था और मुकद्दर गरीब था, अच्छे थे हम मगर बुरा नसीब था, लाख कोशिश कर के भी कुछ ना कर सके हम, घर भी जलता रहा और समंदर भी करीब था.
ये ना पूछ इश्क़ ने कैसी हालत कर दी है, बस यूं समझ बिन पानी कोई मछली है.
तेरे सिवा कोई मेरे जज़्बात में नहीं, आँखों में वो नमी है जो बरसात में नहीं, पाने की कोशिश तुझे बहुत की मगर, तू एक लकीर है जो मेरे हाथ में नहीं.
इस तरह रूठ कर ना जाया करो, दिल को यूं तकलीफ ना पहूँचाया करो, कि बड़ा मुश्किल है तुम्हारे बिना जीना, मेरे प्यार पर कुछ तो तरस खाया करो.
हर दूरी मिटानी पड़ती है, हर बात बतानी पड़ती है, लगता है दोस्तों के पास वक़्त ही नहीं है, आज कल-खुद अपनी याद दिलानी पड़ती है..
एक बात सिखाई है, ताजुर्वे ने हमें, एक नया दर्द ही पुराने दर्द की दवा है।
हाथ पकड़ कर रोक लेते अगर, तुझ पर ज़रा भी जोर होता मेरा, ना रोते हम यूँ तेरे लिए अगर, हमारी जिंदगी में तेरे सिवा कोई ओर होता।
पल-पल तरसे हम जिस पल के लिए, वो पल भी आया जिंदगी में बस एक पल के लिए..
कुछ इस तरह से सौदा किया, मुझसे मेरे वक़्त ने, तजुर्बे देकर वो मुझ से, मेरी नादानियां ले गया।
चलता रहेगा ये ज़िन्दगी का कारवाँ, यूँही साल गुजरते जायेंगे, मगर वो लम्हे जो संग आपके बिताये है हम चाह कर भी ना भूल पाएंगे..
वो रोए तो मगर मुझसे मुँह मोड़कर रोए, कोई मजबूरी होगी जो दिल तोड़कर रोए, मेरे सामने कर दिए मेरी तस्वीर के टुकड़े, मेरे बाद वो उन्हें जोड़-जोड़ कर रोए।
फिर आज कोई ग़ज़ल तेरे नाम न हो जाये, कहीं लिखते लिखते शाम न हो जाये, कर रहे हैं इंतज़ार तेरी मोहब्बत का, इसी इंतज़ार में ज़िन्दगी तमाम न हो जाये...
एक ही शख्स से मतलब था, वो भी मतलबी निकला.
अकेले ही काटना है मुझे ऐ जिन्दगी का सफर, यूँ पल-दो-पल साथ चलकर मेरी आदत खराब न करो।
तुम मूड में नहीं थे तो क्यू बनाया मुझे रब, मिट्टी दुबारा गुथो और फिर से बनाओ मुझे।
अपने दिल का दर्द उसे बताना चाहता हु, उसे कितना चाहता हु, उसे महसूस कराना चाहता हु, कितना रोया हु उसे पाने के लिए, उसकी गोद में सर रखकर, उसे बताना चाहता हु..
सिर्फ एक ही बात सीखी इन हुस्न वालों से हमने, हसीन जिसकी जितनी अदा है वो उतना ही बेवफा है।
काश तुम्हें ख्वाब ही आ जाये,की हम तुम्हे कितना याद करते है.
जब भी खुदा दुनियां की क़िस्मत में चमत्कार लिखता है, मेरे नसीब में थोड़ा और इंतज़ार लिखता है..
वहां से बिगड़ी है ज़िंदगी मेरी, जहाँ से साथ तुमने छोड़ा था..
चल आ तेरे पैरों पर मरहम लगा दूॅ ए मुक़द्दर, कुछ चोटें तुझे भी आयी होंगी, मेरे सपनों को ठोकर मारकर..
किससे पैमाने वफ़ा बाँध रही है बुलबुल, कल न पहचान सकेगी गुल-ए-तर की सूरत।
भूख घूम रही है शहर की हर सड़क पर, लाल टीशर्ट ज़ोमेटो की पहन कर।
तुम्हारी याद के साए मेरे दिल के अँधेरे में, बहुत तकलीफ देते हैं मुझे जीने नहीं देते, अकेली राह में हमराह कोई मिल तो जाता है, मगर कुछ दर्द हैं जो दिल बहलने नहीं देते.
आशिकी की हद तो देखो, धोखा मिलने के बावजूद भी, हम उनपे मरते हैं..
“दोस्त” कभी अपने दोस्त की सच्चाई का इम्तेहान ना लेना, क्या पता उस वक़्त वो मजबूर हो, और तुम एक अच्छा दोस्त खो दो..
कितना अजीब है लोगों का अंदाज़-ए-मोहब्बत, रोज़ एक नया ज़ख्म देकर कहते हैं, अपना ख्याल रखना।
हम कहीं लिखना भूल न जाएँ, तुम यूँ ही दिल को दुखाती रहा करो।
आज किसी ने मुझसे पूछ ही लिया, जुबां बहुत मीठी है ज़ख़्म गहरा तो नही.
जिसके लफ़्जों में हमे अपना अक़्स मिलता है, क़िस्मत से ऐसा कोई शख़्स मिलता है..
मौका मिला तो, हम तुमसे दूर जरूर जाएंगे, अभी मोहब्बत में बिजी हूँ, हमें कोई दूर नहीं कर सकता..
राह चलते तू औरों का दामन थाम ले, मगर मेरे प्यार को भी तू थोड़ा पहचान ले, कितना इंतज़ार किया है तेरे इश्क़ में मैंने, जरा इस दिल की बेताबी को भी तू जान ले...
कहने को तो कई अपने थे मेरे , पर वो जरा व्यस्त थे अपनी दुनियां में , उनमे से कुछ ही थे जो समय निकल पाये, मेरे लिए मेरे बुरे समय में..
फूल खिलते रहे जीवन की राह में, ख़ुशी चमकती रहे आपकी निगाह में, हर कदम पे मिले ख़ुशी की बहार आपको, मेरे दिल से नए साल की शुभकामनाये आपको..
मैं फिर से निकलूंगा तलाश ए-जिन्दगी में, दुआ करना दोस्तो इस बार किसी से इश्क ना हो.
तेरी चौखट से सिर उठाऊं तो बेवफा कहना, तेरे सिवा किसी और को चाहूँ तो बेवफा कहना, मेरी वफाओं पे शक है तो खंजर उठा लेना, मैं शौक से मर ना जाऊं तो बेवफा कहना.
वो जो कहते थे हम आपसे ही बात करते हैं, वो ना जाने अब कितनों से बात करते हैं.
ज़ख्म लगा के मेरे दिल पे बड़ी सादगी के साथ, टूटे हुए मेरे दिल का क्या पूछते हो? ठुकरा दिया जो तुमने मोहब्बत को इस तरह, पलट-पलट के प्यार से क्या देखते हो,..
कुछ इस तरह पढे गए हम, जैसे पुराना अखबार थे, कुछ इस तरह छूट गए हम, जैसे गणित का सवाल थे।
हर वक्त मिलती रहती है, मुझे अनजानी सी सजा, मैं कैसे पुछु तकदीर से कि मेरा कसूर क्या है.
रूठ कर बैठे है जिनसे, उन्हें इस बात से नहीं कोई लेना देना, यही कैसा रिश्ता है उनका, यही कैसा उनका अपना कहना.
उनको मालूम है कि उनके बिना हम टूट जाते हैं, फिर क्यूँ वो आज़माते हैं हमको बिछड़-बिछड़ कर।
जख़्म इतना गहरा हैं इज़हार क्या करें। हम ख़ुद निशां बन गये ओरो का क्या करें। मर गए हम मगर खुली रही आँखे हमरी। क्योंकि हमारी आँखों को उनका इंतेज़ार हैं।
एक खेल रत्न उसको भी दे दो, बड़ा अच्छा खेलता है वो दिल से.
हम गमो को छिपाने का कारोबार करते है, कसूर बस इतना है की हम गम देने वाले से ही प्यार करते है.
सुकून की तलाश में निकले थे हम, तो दर्द बोला औकात भूल गए क्या.
भीड़ में भी तन्हा रहना मुझको सिखा दिया, तेरी मोहब्बत ने दुनिया को झूठा कहना सिखा दिया, किसी दर्द या ख़ुशी का एहसास नहीं है अब तो, सब कुछ ज़िन्दगी ने चुप-चाप सहना सिखा दिया।
उसने हर नशा सामने लाकर रख दिया और कहा, सबसे बुरी लत कौन सी हैं, मैने कहा तेरे प्यार की।
जिसको आज मुझमे हजारो गलतिया नजर आती हैं, कभी उसी ने कहा था तुम जैसे भी हो मेरे हो।
किसी को न पाने से जिंदगी खत्म नहीं होती, लेकिन किसी को पाकर खो देने से कुछ बाकी भी नहीं रहता.
मन करता है अब तुझे भूल जाने का, उन हसीन पलो को दिलसे मिटाने का, जब तुझे मेरी याद आती ही नहीं, तो क्या फ़ायदा तुझसे दिल लगाने का..
बात करने को तरसा हूं, आवाज़ सुनने को तरसोगी।
सोचा था तड़पायेंगे हम उन्हें, किसी और का नाम लेके जलायेगें उन्हें, फिर सोचा मैंने उन्हें तड़पाके दर्द मुझको ही होगा, तो फिर भला किस तरह सताए हम उन्हें।
उलझते रहने में कुछ भी नहीं थकन के सिवा, बहुत हक़ीर हैं हम तुम बड़ी है ये दुनिया.
मेरी हर आह को वाह मिली है यहाँ, कौन कहता है दर्द बिकता नहीं है.
वजह क्या है मुझे खुद नहीं मालूम पर, आज बहुत उदास, बहुत उदास हूँ मैं..
सिर्फ दो ही सब तेरा साथ चाहिए, एक तो भी और एक आने वाले कल मे।
वो बिछड़ के हमसे ये दूरियां कर गई, न जाने क्यों ये मोहब्बत अधूरी कर गई, अब हमे तन्हाइयां चुभती है तो क्या हुआ, कम से कम उसकी सारी तमन्नाएं तो पूरी हो गई।
दिल की क्या बिसात थी निगाह-ए-जमाल में, इक आइना था टूट गया देख-भाल में।
ये मोहब्बत का फ़साना भी बदल जायेगा, वक़्त के साथ जमाना भी बदल जायेगा।
मुझे इश्क के लिए तेरी जरुरत नहीं, कुछ यादें और कुछ तस्वीरे छुपा रखी है दिल में.
लोग मेरे आशियाने की तारीफ़ किया करते हैं, हम उसी तारीफ़-ए-आशियाँ में घुट-घुट के जीया करते हैं.
धीरे धीरे सब दूर होते गए, वक़्त के आगें मजबूर होते गए, रिस्तों में हमने ऐसी चोट खाई की, बस हम बेवफा और सब बेकसूर होते गए.
ना जाने किस बात पे वो नाराज हैं हमसे, ख्वाबों मे भी मिलता हूँ तो बात नही करती।
काश ये सिलसिला हो जाए, मैं मिट जाऊं या फासला घट जाए।
कुछ हार गई तकदीर कुछ टूट गये सपने, कुछ गैरों ने किया बरबाद कुछ भूल गये अपने।
सारी दुनिया के हैं वह मेरे सिवा, मैंने छोड़ दी दुनिया जिनके लिये.
पढ़ ना लें कहीं एक दूसरे की आँखों की उदासी, हम मिलते हैं अब भी नज़रें मिलाते नहीं हैं.
तीखी बातो से जख्म भरे तो नहीं हैं, ठुकरा दिय गए है पर डरे तो नहीं हैं, क्या हुआ अगर दिल टूट गया हैं , मोहब्बत में हारे हैं मरे तो नहीं हैं..
दोस्ती वो एहसास है जो मिलता नहीं, दोस्ती वो पर्वत है जो झुकता नहीं, इसकी कीमत क्या है पूछो हमसे, ये वो अनमोल मोती है जो बिकता नहीं..
मुझे तेरे ख्वाबों से प्यार इतना हैं, की खुदको उनके लिए निसार करदू, करू बस तुझसे मैं मोहब्बत इतनी, और अपना ये साल तेरे नाम करदू.
ऐसा नहीं है- कि अब तेरी जुस्तजू नहीं रही, बस टूट कर बिखरने की आरज़ू नहीं रही।
अपनों के दिये गम, कह भी नहीं पाते, सह भी नहीं पाते।
हम अपनी हस्ती मिटा कर भी तनहा हैं, सब कुछ लुटा कर भी तनहा हैं..
कर दिया आजाद उनको, जो दिल में हमारे रहकर, ख्वाब किसी और के देखते थे.
न जाने प्यार करके भी Single रह गए हम, वो आज भी हमको याद आते हैं..
आज Single हूँ, पर किसी को हमने भी दिल दिया था..!!
हर सिग्नल तेरी याद दिलाता है, तूने भी रंग कुछ इसी तरह बदला था.
संभलकर चलना हम भी जानते थे, पर ठोकर भी लगी उसी पत्थर से जिसे हम अपना समझते थे.
खूब देखे होंगे आंसू ख़ुशी के तुमने, कभी मिलो हमसे , तुम्हे गम के हसी दिखाएंगे..
हमने तुम्हें उस दिन से और भी ज़्यादा चाहा है, जबसे मालूम हुआ तुम हमारे होना नही चाहते.
दिल में छुपे हो, दूर जाओगे कैसे, मैं कबर में छुप जाऊं, तो ढूंढ पाओगे कैसे.
आज फिर याद आये, तुम उन बीते लम्हों में, आखिर वो लम्हे ही तो हैं, जिन्हें हम अपना बना पाए.
दोस्ती करने की गलती तोह कर ली है मैंने, तोह अब दुश्मनी करने का मौका भी नहीं जाने दूंगा..
बिन बात के ही रूठने की आदत है, किसी अपने का साथ पाने की #चाहत है, आप खुश रहें, मेरा क्या है, मैं तो आइना हूँ, मुझे तो टूटने की आदत है।
मेरा जूनून मेरी दीवानगी मेरी इन्तहा हो तुम, तुम्हे भला कैसे समझाए मेरे लिए क्या हो तुम।
ऐ बुरे वक्त, जरा अदब से पेश आ, वक्त नही लगता वक्त बदलने में।
चुपके चुपके पहले वो ज़िन्दगी में आते हैं, मीठी मीठी बातों से दिल में उतर जाते है, बच के रहना इन हुसन वालों से यारो, इन की आग में कई आशिक जल जाते हैं..
तुमसे मुलाक़ात हो या ना हो कोई गम नहीं, तुम बस सामने से गुजर जाना ये भी किसी मुलाक़ात से कम नहीं.
ये इश्क मोहब्बत की, रिवायतें भी अजीब है, पाया नहीं है जिसको उसे खोना भी नहीं चाहते।
जब मैं डूबा तो समुन्दर को भी हैरत हुयी, अजीब शख्स है किसी को पुकारता भी नहीं.
किश्तों में खुदकुशी कर रही है ये जिन्दगी, इंतज़ार तेरा - मुझे पूरा मरने भी नहीं देता..
वफ़ा और मोहब्बतों के ज़माने गये जनाब, अब तो दिल को बहलाने का सामान है मोहब्बत.
ज़िन्दगी यूँ हुई बसर तन्हा, काफिला साथ और सफ़र तनहा..
शायद मुझ में ही कमी थी, वरना मैं सिंगल ना रहता..
धोखेबाजी से बचने के लिए हम सिंगल ही रहे, क्यूँकि ये लड़कियाँ प्यार कम धोखा ज्यादा देती हैं..
दर्द है दिल में पर इसका एहसास नहीं होता, रोता है दिल जब वो पास नहीं होता, बर्बाद हो गए हम उसके प्यार में, और वो कहते हैं इस तरह प्यार नहीं होता.
न करवटे थी न बेचैनियाँ थी, क्या गजब की नीँद थी मोहब्बत से पहले.
आती है जब याद तेरी तो तेरी यादों में हम खो जाते हैं, आजकल तुझे सोचते-सोचते ही हम सो जाते है, तू बदनाम ना हो इसीलिए जी रहा हूँ मैं, वरना मरने का इरादा तो रोज होता है.
इतनी सारी बातें मत किया करो मुझसे, दोस्ती को प्यार में बदलते वक्त नहीं लगता है..
ऐ दिल थोड़ा इंतजार कर, उसे भी पता चल जायेगा उसने क्या खोया है.
नफरतें लाख मिलीं पर मोहब्बत न मिली, ज़िन्दगी बीत गयी मगर राहत न मिली, तेरी महफ़िल में हर एक को हँसता देखा, एक मैं था जिसे हँसने की इजाज़त न मिली.
ऐ-खुदा लोग बनाने थे पत्थर के अगर, तो मेरे एहसास को शीशे सा न बनाया होता।
शाम भी थी धुआँ धुआँ हुस्न भी था उदास उदास, दिल को कई कहानियाँ याद सी आ के रह गईं।
ग़मों ने घेर लिया है मुझे तो क्या ग़म है, मैं मुस्कुरा के जियूँगा तेरी ख़ुशी के लिये, कभी कभी तू मुझे याद कर तो लेती है, सुकून इतना सा काफ़ी है ज़िन्दगी के लिये.
उल्फत में कभि यह हाल होता है, आंखे हस्ती है मगर दील रोता है, मानते है हम जिससे मंजिल अपनी, हमसफ़र उसका कोई और होता है..
तू भुला दे मुझे इस बात का शिक़वा नही, तू ने मुझे रुलाया इस बात का कोई गिला नही, जिस दिन हमने तुझे भुला दिया, बस तभी समझ लेना कि दुनिया मे हम नहीं।
एक वक़्त था, जब किसी के इंतज़ार में रहा करता था, आज तो बिल्कुल single हूँ, फिर भी उसी का इंतज़ार करता हूँ..
मैं क्यों कुछ सोच कर दिल छोटा करू, वो उतनी ही कर सकी वफा जितनी उसकी औकात थी.
नींद चुराने वाले पूछते हैं सोते क्यों नही, इतनी ही फिक्र है तो फिर, हमारे होते क्यों नही।
इस सर्दी कुछ ऐसा खास हो, तुम सिर्फ मोबाइल पर नहीं, हकीकत में मेरे पास हो..
मत आने दो किसी को करीब इतना, कि उससे दूर जाने से इंसान खुद से रूठ जाये.
Tum khafa ho gaye to koi khushi na rahegi, Tere bina chirago mein roshni na rahegi, Kya kahe kya guzregi dil par, Zinda to rahenge par zindagi na rahegi.
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